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आखिर ऐसा क्या हुआ कि सपा सांसद ने कहा- मदद करने में डर लगता है

उत्तर प्रदेश की घोसी लोकसभा सीट से सांसद और सपा के राष्ट्रीय सचिव एवं प्रवक्ता राजीव राय हाल के दिनों में चर्चा में बने हुए हैं. पहले देश के गृह मंत्री अमित शाह का उन्हें जन्मदिन के दिन फोन आना, तो वहीं दूसरी तरफ उनका एक सोशल मीडिया पोस्ट जिसमें वो कह रहे है कि अब मदद करने में डर लगता है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि आखिर सांसद के साथ ऐसा क्या हुआ जो अब वे मदद करने से कतरा रहे हैं.

सपा सांसद ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट की है. इसके साथ ही उन्होंने 4 स्क्रीनशॉट भी शेयर किए हैं. इनमें ही पूरे फर्जीवाड़े का जिक्र है. सांसद ने लिखा कि क्यों अब सोशल मीडिया पर मदद मांगने वालों को मदद करने में डर लगता हैं? निचे के चैट पढ़िए…

क्या है पूरा मामला?

सांसद ने लिखा कि मुझे कोई रोते हुए फोन और मैसेज करता है कि आपके क्षेत्र का रहने वाला हूं. मुंबई में मेरी बेटी की कैंसर से मौत हो गई है. कल से लाश लेकर परेशान हैं, सब पैसे ख़त्म हो गए हैं कोई मदद करवा दीजिए कि मै लाश घोसी ला सकूं, हम सात लोग हैं परिवार के है.

आगे लिखा यह सुनकर मैं भावुकता में हमारे यहां के नेता अबू आजमी साहब को फोन करके उसका नंबर देता हूं और निवेदन करता हूं कि उससे बात करके मदद करिए. अबूआजमी साहब बात करके मुझे फोन करते है कि वो केवल पैसे अकाउंट में भेजने के लिए बोल रहा है.

उन्होंने आगे लिखा कि फिर उनको रूकने के लिए बोल कर मैं इससे डिटेल मांगता हूं. तो ये आनाकानी करके मेरे उपर आरोप लगाने लगता है. शक होने पर एक पुलिस अधिकारी दोस्त की मदद से डिटेल पता करता हूं. पता चलता है कि ये असम से फ़्रॉड कर रहा है. अब अरेस्ट कराने कीधमकी देने पर वह माफी मांग रहा है.

उन्होंने क्षेत्र की जनता से अपील करते हुए लिखा कि कभी-कभी पछतावा होने लगता हैं कि क्यों मदद करता है. इसलिए पुन: आप सबसे निवेदन है कि बिना व्यक्तिगत संपर्क वाले के किसी का भी मदद मांगने वाले को मुझे टैग ना करे.

कौन हैं राजीव राय?

सपा सांसद राजीव राय अखिलेश यादव के बेहद करीबी लोगों में से माने जाते हैं. उन्होंने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत साल 2012 में की थी. 2014 के लोकसभा चुनाव में घोसी से अपना उम्मीदवार बनाया था. हालांकि मोदी लहर में राजीव को हार का मुंह देखना पड़ गया. हालांकि उन्होंने घोषी को नहीं छोड़ा यही कारण है कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें जीत मिली. इस चुनाव में राजीव ने अरविंद राजभर को 1 लाख 62 हजार 943 मतों से हराया था.

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Posted By City Home News

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