
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जब से H1B Visa के चार्ज में इजाफा किया है, उसके बाद से डॉलर के मुकाबले में रुपए में लगातार तीसरे दिन गिरावट देखने को मिल रही है. मंगलवार को भी रुपया 45 पैसे की गिरावट के साथ बंद हुआ था. बुधवार को भी शुरुआती कारोबार में करीब 7 पैसे की गिरावट देखने को मिल रही है. खास बात तो ये कि इस फैसले के असर से जहां रुपया अपने ऑल टाइम लो लेवल पर पहुंच गया है. वहीं रुपए में 64 पैसे की गिरावट देखने को मिल चुकी है. इससे पहले आखिरी बार में रुपए में शुक्रवार को तेजी देखने को मिली थी. ऐसा लग रहा था कि रुपया एक बार फिर से अपने पैरों पर खड़ा होगा. लेकिन वीजा शुल्क बढ़ाकर ट्रंप ने भारत के मंसूबों पर ऐसा पानी फेरा है कि लगातार रुपए में गिरावट देखने को मिल रही है.
वहीं दूसरी ओर भारत के शेयर बाजार में भी लगातार गिरावट देखने को मिल रही है. सोमवार मंगलवार को बाजार में थोड़ी राहत देखने को जरूर मिलर, लेकिन बुधवार को एक बार फिर से बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है. इसके अलावा डॉलर में तेजी, कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा और विदेशी निवेशकों की मुनाफावसूली भी रुपए को नुकसान पहुंचाने में लगातार अपना योगदान दे रहे हैं. जानकारों का मानना है कि रुपया जल्द ही 90 के लेवल पर दिखाई देने लगेगा. आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर करेंसी मार्केट में किस तरह के आंकड़े देखने को मिल रहे हैं.
रुपए में आई गिरावट
बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अपने लाइफटाइम लोअर लेवल से 7 पैसे गिरकर 88.80 प्रति डॉलर पर आ गया. टैरिफ और एच-1बी वीजा संबंधी मुद्दों तथा विदेशी पूंजी की लगातार निकासी के कारण इसमें गिरावट आई. फॉरेन करेंसी ट्रेडर्स ने कहा कि रुपया अपने लाइफ टाइम लोअर लेवल के आसपास मंडरा रहा है क्योंकि भारतीय वस्तुओं पर अमेरिकी टैरिफ में वृद्धि और एच-1बी वीजा शुल्क में वृद्धि ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है. इसके अलावा, निवेशकों की जोखिम-निवृत्ति और व्यापार नीति की अनिश्चितता ने भी रुपये के अवमूल्यन को और बढ़ा दिया है.
रिकॉर्ड लोअर लेवल पर रुपया
इंटरबैंक फॉरेन करेंसी एक्सचेंज मार्केट में रुपया 88.80 पर खुला, जो पिछले बंद भाव से 7 पैसे की गिरावट दर्शाता है. शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 88.71 प्रति डॉलर तक भी पहुँच गया. मंगलवार को, रुपया 45 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 88.73 के नए सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ. इसने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 88.82 का सर्वकालिक निचला स्तर छुआ था. खास बात तो ये है कि मौजूदा हफ्ते में रुपए में डॉलर के मुकाबले में 64 पैसे की गिरावट देखने को मिल चुकी है. पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन रुपया 88.16 के लेवल पर बंद हुआ था.
ये भी रुपए में गिरावट के कारण
- इस बीच, छह मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.09 प्रतिशत बढ़कर 97.35 पर कारोबार कर रहा था.
- इंटरनेशनल मार्केट में ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.24 प्रतिशत बढ़कर 67.79 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था.
- घरेलू शेयर बाजार में, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 380.48 अंक गिरकर 81,721.62 पर आ गया, जबकि निफ्टी 106.45 अंक गिरकर 25,063.05 पर आ गया.
- इस बीच, एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने मंगलवार को 3,551.19 करोड़ रुपए मूल्य के शेयर बेचे.
89 के लेवल को छू सकता है रुपया
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि एच-1बी वीजा शुल्क ने उन ओवरऑल मुद्दों को और बढ़ा दिया है, जिन्हें भारत और अमेरिका को सुलझाने की जरूरत है. भंसाली ने आगे कहा कि आरबीआई ने निर्यातकों की दुर्दशा को देखते हुए इस कमजोरी को अनुमति दी है. उन्होंने कहा कि इस सप्ताह हम 89.00 के नए निचले स्तर को देख सकते हैं, जिसके बाद आयातकों को डॉलर खरीदने में मदद करने के लिए गिरावट देखने को मिल सकती है.









