
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने अपने बयान में अमेरिका और ट्रंप को अलग दिखाने की कोशिश की है. टस्क ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप चाहे जो कहें लेकिन अमेरिका भी रूस के खिलाफ पोलैंड और यूरोपीय देशों के साथ है. दुनिया अब अमेरिकी राष्ट्रपति और अमेरिका को अलग-अलग देखने लगी है.
उनका कहना है कि दो वाशिंगटन DC है और दोनों का रवैया अलग-अलग है. हाल के दिनों में ट्रंप और यूरोपीय नेताओं में अनबन रही है और यूक्रेन को अमेरिका की ओर से दी जानी वाली सहायता को भी ट्रंप ने बंद कर दिया है.
टस्क ने कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप के शब्दों का मतलब चाहे जो भी हो, मैं आपको याद दिलाना चाहूंगा कि ड्रोन हमले के बाद पोलैंड के लिए अतिरिक्त सहायता का वादा फ्रांस, ग्रेट ब्रिटेन, अमेरिका, जर्मनी, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे, चेक रिपब्लिक, पुर्तगाल और इटली द्वारा किया गया था.
Niezależnie od interpretacji słów prezydenta Trumpa pragnę przypomnieć, że dodatkową pomoc po ataku dronów dla Polski zadeklarowały Francja, Wielka Brytania, USA, Niemcy, Holandia, Szwecja, Norwegia, Czechy, Portugalia, Włochy.
— Donald Tusk (@donaldtusk) September 19, 2025
क्या ट्रंप के बयान को सीरियस नहीं ले रहे यूरोपीय नेता?
टस्क के बयान से साफ हो गया है कि यूरोपीय नेता अब ट्रंप की टिप्पणियों को सीरियस नहीं ले रहे हैं. क्योंकि ट्रंप का अपने बयानों से पलटना और हर दिन नया को फैसला करना आम हो गया है. इसीलिए अब यूरोपीय नेता ट्रंप और अमेरिका को अलग-अलग देख रहे हैं. साथ ही NATO भी अब ट्रंप पर भरोसा नहीं कर रहा है और यूरोपीय नेता साथ मिलकर रूस के खतरों से निपटने की प्लानिंग कर रहे हैं.
रूस-यूक्रेन युद्ध
रूस-यूक्रेन युद्ध को 3 साल से ऊपर का समय हो गया है, लेकिन तमाम कोशिश को बाद भी विश्व ताकतें इसको रुकवा नहीं पाई है. दोनों ही तरफ से हवाई हमले लगातार बढ़ रहे हैं. इस युद्ध को रोकने के लिए अब एशियाई देश भी आगे आ रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग यूक्रेन में युद्ध को खत्म करने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं.









