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तलाकशुदा पति की मौत के बाद बच्चों का संपत्ति में कितना अधिकार? संजय की प्रॉपर्टी के लिए करिश्मा कपूर के बच्चे कोर्ट पहुंचे

Sunjay Kapur 30,000 Crore Assets Dispute Case: कारोबारी संजय कपूर की मृत्यु के बाद उनकी 30 हजार करोड़ रुपए की संपत्ति को लेकर पत्नियों और परिवारजनों में कानूनी जंग शुरू हो चुकी है. बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के दोनों बच्चे समायरा और कियान ने पिता संजय कपूर की संपत्ति में हिस्सा पाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

बार एंड बेंच की रिपोर्ट में करिश्मा के बच्चों ने पिता संजय कपूर की तीसरी पत्नी और अपनी सौतेली मां प्रिया सचदेव कपूर पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पिता की वसीयत में बदलाव किया. पूरी सम्पत्ति को हड़पने की कोशिश की है.

अब इस पूरे मामले ने कई सवाल खड़े किए हैं. जैसे-

  • पति की मौत के बाद संपत्ति का बंटवारा किस नियम से होगा?
  • वसीयत (Will) के मामले में कौन से नियम लागू होंगे?
  • वसीयत को छिपाने या धोखा देने पर क्या सजा हो सकती है?
  • वसीयत में तलाकशुदा पत्नी और उससे जन्मे बच्चों को क्या अधिकार मिलते हैं?
  • अगर वसीयत विवादित हो तो किन रास्तों से परिवार अपना हक पा सकता है?

अब इन सवालों का जवाब जानने से पहले यह जान लेते हैं कि विवाद क्यों हुआ. दिल्ली के उद्योगपति संजय कपूर का इसी साल लंदन में निधन हुआ. संजय की पत्नी रहीं फिल्म अभिनेत्री करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा और कियान ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर संपत्ति में हिस्सा मांगा है.

आरोप है कि संजय कपूर की पत्नी प्रिया सचदेव ने वसीयत में बदलाव करके पूरी प्रॉपर्टी पर कब्जा करने की कोशिश की है. आरोप यह भी है कि वसीयत काफी दिनों तक छिपाई गई. अब यह मामला इतना पेचीदा हो गया है कि अदालत को भी काफी समय लग सकता है क्योंकि करिश्मा कपूर के दोनों बच्चों, प्रिया सचदेव कपूर और संजय की मां सीधे तौर पर संपत्ति के दावेदार हैं तो एक पक्ष श्रद्धा सूरी मारवाह हैं, जो खुद को सामने आई वसीयत की निष्पादक होने का दावा कर रही हैं.

Priya Sachdev Kapur Sunjay Kapur Wife

संजय कपूर और प्रिया सचदेव कपूर.

पति की मौत के बाद संपत्ति का बंटवारा कैसे होता है?

सुप्रीम कोर्ट के वकील अश्विनी कुमार दुबे बताते हैं कि भारत में किसी भी मृत व्यक्ति की संपत्ति दो तरीकों से बंट सकती है.

  1. वसीयत के आधार पर: यदि मृतक ने जीते जी अपनी वसीयत (Will) लिखी है, तो उसकी संपत्ति उन्हीं लोगों को जाएगी जिनका नाम वसीयत में दर्ज है.
  2. बिना वसीयत (Intestate Succession): यदि वसीयत नहीं है, तो संपत्ति का बंटवारा उत्तराधिकार कानून (Hindu Succession Act, 1956 या अन्य व्यक्तिगत कानून जैसे मुस्लिम लॉ या क्रिश्चियन लॉ) के अनुसार होगा. संजय कपूर चूंकि हिंदू परिवार से हैं, इसलिए उनसे जुड़े केस में हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956 लागू होगा.

हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम में नियम

  1. अग्रिम उत्तराधिकारी (Class I Heirs): मृतक की पत्नी, बेटा/बेटी, माता, और यदि बेटा/बेटी पहले ही मर गए हों तो उनके बच्चे भी अधिकार रखते हैं.
  2. समान अधिकार: सभी Class I heirs को समान हिस्सेदारी मिलती है.
  3. एक से अधिक पत्नी की स्थिति में सभी जीवित पत्नियों को संयुक्त रूप से एक हिस्सा मिलता है. उदाहरण के लिए अगर पत्नी (चार), तीन बेटे और 1 बेटी हैं तो कुल आठ हिस्सेदार बनेंगे. हर हिस्सेदार को समान हिस्सा मिलेगा.
Karishma Kapoor With Sanjay Kapur

करिश्मा के दोनों बच्चों ने पिता की वसीयत में हिस्सा पाने के लिए कोर्ट का रुख किया है.

वसीयत की स्थिति में क्या होगा?

यदि संजय कपूर ने वसीयत लिखी है और वह वैध है, तो संपत्ति का बंटवारा उसी अनुसार होगा. वसीयत को वैध होने के लिए निम्न शर्तों को पूरा करना आवश्यक है.

  • यह लिखित होनी चाहिए (हस्तलिखित या टाइप की हुई).
  • दो गवाहों के हस्ताक्षर होने चाहिए.
  • मृतक ने अपनी पूरी मानसिक स्थिति में रहते हुए लिखी होनी चाहिए.
  • वसीयत में यदि किसी एक पत्नी, बच्चे या रिश्तेदार को संपत्ति से वंचित भी किया गया है, तो अदालत आमतौर पर वसीयत का पालन करती है.

वसीयत छिपाने पर सजा क्या है?

सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट अश्विनी कुमार दुबे के मुताबिक वसीयत छिपाने पर BNS की धारा 343 के तहत कार्रवाई होगी. अगर कोई व्यक्ति धोखाधड़ी या बेईमानी से किसी वसीयत को छिपाता, रद्द करता, नष्ट करता या उसमें हेरफेर करता है, तो उसे आजीवन कारावास या सात साल तक की कैद हो सकती है, साथ ही जुर्माना भी देना पड़ सकता है.

  • वसीयत की जालसाज़ी (Forgery): जानबूझकर किसी वसीयत में बदलाव करना, जाली दस्तावेज़ बनाना या झूठे हस्ताक्षर करना एक आपराधिक कृत्य है.
  • जालसाज़ी से धोखा देना (Forgery for cheating): अगर किसी व्यक्ति को धोखा देने के लिए जालसाज़ी की जाती है, तो BNS की धारा 338 के तहत दस साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है. अगर वसीयत छिपाने वाला व्यक्ति एस्टेट का एक्जीक्यूटर (कार्यपालक) है, तो वह मृतक की संपत्ति और लाभार्थियों के हित में काम करने के अपने कानूनी कर्तव्य (fiduciary duty) का उल्लंघन करता है।

एडवोकेट दुबे कहते हैं कि वसीयत होने के बावजूद अगर कोई केस अदालत में पहुंचता है तो सबसे पहले वसीयत साबित करनी पड़ती है. यदि कोई व्यक्ति वसीयत छिपाने में पकड़ा जाता है, तो उसे जेल हो सकती है और हिस्से से भी वंचित किया जा सकता है.

Divorce

तलाक के बाद पत्नी और बच्चों का कितना अधिकार?

तलाकशुदा पत्नी को पति की संपत्ति पर कोई अधिकार नहीं होता. लेकिन उस पत्नी से जन्मे बच्चे कानूनी संतान माने जाते हैं, इसलिए उन्हें बाप की संपत्ति पर बराबर का अधिकार मिलता है. यानि अगर संजय कपूर ने अपनी पहली पत्नी को तलाक दे दिया था, तब उस पत्नी को हिस्सा नहीं मिलेगा, लेकिन उसके बच्चे (यदि हैं) को बराबर का हक मिलेगा.

क्या परिवार दे सकता है वसीयत को चुनौती?

अगर वसीयत है और सब कुछ किसी एक व्यक्ति को दिया गया है, तब भी परिवार वसीयत को चुनौती दे सकता है. कई बातों को आधार बनाते हुए दावा किया जा सकता है. जैसे- मृतक से दबाव में लिखवाया गया हो. मानसिक संतुलन ठीक न रहा हो. हस्ताक्षर या गवाह नकली हों.

यदि अदालत वसीयत को अवैध मान ले, तो संपत्ति का बंटवारा स्वतः हिंदू उत्तराधिकार अधिनियम के अनुसार होगा.

Indian Law

संजय कपूर मामले में क्या हो सकता है?

  1. तीनों पत्नियां और उनके बच्चे संपत्ति पर दावा कर सकते हैं.
  2. यदि वसीयत मौजूद है तो बंटवारा वसीयत के अनुसार होगा.
  3. यदि वसीयत पर विवाद है और अदालत उसे खारिज कर देती है तब सभी बराबर हिस्सेदार होंगे.
  4. तलाकशुदा पत्नी को हिस्सा नहीं मिलेगा, लेकिन उसके बच्चों को बराबर का हक मिलेगा.
  5. वसीयत छिपाने या फर्जी बनाने की कोशिश करने वाले पर आपराधिक मुकदमा भी चल सकता है.

एडवोकेट दुबे कहते हैं कि संजय कपूर की 30 हजार करोड़ की संपत्ति का मामला भारतीय न्याय व्यवस्था का एक बड़ा परीक्षण बनेगा. स्पष्ट है कि अगर वसीयत साफ और वैध है, तो उसी रूप में संपत्ति वितरित की जाएगी. अगर वसीयत विवादित है, तो मामला वर्षों तक अदालत में खिंच सकता है. तलाकशुदा पत्नी का कोई अधिकार नहीं, लेकिन उसके बच्चों का पूरा अधिकार है. वसीयत छिपाना या जालसाजी करना गंभीर अपराध है, चाहे कोई करे.

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Posted By City Home News

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