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भारत-कनाडा के सुधरते रिश्ते खालिस्तानियों को नहीं आ रहे रास? इंडियन कॉन्सुलेट पर कब्जे की धमकी

भारत और कनाडा के बीच रिश्तों की जमी बर्फ पिघलनी शुरू हुई है, लेकिन ये खालिस्तानी संगठनों को रास नहीं आ रही. अमेरिका स्थित खालिस्तानी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस (SFJ) ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया है.

इस ग्रुप ने वैंकूवर स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास यानी इंडियन कॉन्सुलेट को घेरने और उस पर कब्जा करने की धमकी दी है. SFJ ने एक पोस्टर जारी किया है, जिसमें भारत के नए हाई कमिश्नर दिनेश पटनायक के चेहरे पर निशाना साधा गया है.

पोस्टर से धमकी, कमिश्नर पर सीधा वार

संगठन का आरोप है कि भारतीय दूतावास खालिस्तान समर्थकों पर निगरानी रखने और जासूसी नेटवर्क चलाने का काम कर रहा हैय यही नहीं, ग्रुप ने साफ कहा है कि 19 सितंबर (गुरुवार) को कोई भी इंडो-कनाडाई अगर वीजा या पासपोर्ट के काम से कॉन्सुलेट जाने की सोच रहा है, तो वह तारीख बदल ले.

निज्जर की हत्या का मुद्दा फिर उछाला

SFJ ने बयान में 2023 में मारे गए खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर का जिक्र किया. संगठन का कहना है कि कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने संसद में खुद यह स्वीकार किया था कि निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की भूमिका की जांच हो रही है. SFJ ने आरोप लगाया कि दो साल गुजर जाने के बाद भी भारत की जासूसी गतिविधियां कनाडा में जारी हैं.

संगठन का कहना है कि खालिस्तानियों पर खतरा इतना बड़ा है कि कनाडाई पुलिस (RCMP) को खालिस्तान रेफरेंडम कैंपेन के मौजूदा लीडर इंदरजीत सिंह गोसल को विटनेस प्रोटेक्शन देना पड़ा. गोसल ने निज्जर की मौत के बाद नेतृत्व संभाला था. SFJ का दावा है कि सीज यानी कब्जे के जरिए वे भारतीय एजेंसियों से जवाबदेही मांगेंगे.

कनाडा की रिपोर्ट ने भी जताई चिंता

गौर करने वाली बात ये है कि इसी महीने कनाडाई सरकार की एक आंतरिक रिपोर्ट में स्वीकार किया गया कि खालिस्तानी चरमपंथी समूहों को कनाडा में बैठे लोगों और नेटवर्क से आर्थिक मदद मिल रही है. इसमें बब्बर खालसा इंटरनेशनल और इंटरनेशनल SYF जैसे संगठन शामिल बताए गए हैं, जिन्हें कनाडा ने अपने कानून के तहत आतंकी संगठनों की सूची में डाला है.

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Posted By City Home News

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