
पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला एक बड़े विवाद में घिर गई है। दरअसल, यूनिवर्सिटी प्रशासन पर आरोप लगा कि ‘महान कोश’ की गलत छपी हुई प्रतियों को छिपाने के लिए गड्ढे खोदे गए और उनमें दबाने की कोशिश की गई। इसी मामले में पुलिस ने वाइस-चांसलर प्रो. जगदीप सिंह, डीन (अकादमिक) जसविंदर सिंह बराड़, रजिस्ट्रार दविंदर सिंह, पब्लिकेशन ब्यूरो इंचार्ज हरजिंदरपाल सिंह कालड़ा समेत कई अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
लिखित माफ़ी और सफाई
मामला तूल पकड़ने के बाद वाइस-चांसलर ने लिखित माफ़ी देते हुए कहा कि गलत छपी प्रतियों को नष्ट करने में किसी भी तरह की दुर्भावना नहीं थी। उनका कहना है कि यह कदम केवल त्रुटिपूर्ण प्रतियों को हटाने के लिए उठाया गया, न कि किसी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने के उद्देश्य से।
गुरुद्वारे में पाठ
गलती पर खेद जताते हुए यूनिवर्सिटी प्रशासन ने विश्वविद्यालय गुरुद्वारे में अखंड पाठ भी आयोजित कराया। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम गलती के लिए सामूहिक माफ़ी मांगने और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने का संकल्प लेने के लिए उठाया गया है।
पुलिस कार्रवाई
पटियाला पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 298 के तहत एफआईआर दर्ज की है। यह धारा उस स्थिति में लागू होती है जब किसी धर्म या पूजा स्थल का अपमान करने की नीयत से कोई कार्य किया जाए।









