पंजाब के होशियारपुर में 5 वर्षीय बच्चे के साथ कुकर्म और हत्या की घटना के बाद पूरे जिले में प्रवासियों के खिलाफ गुस्सा भड़क उठा है। कई गांवों की पंचायतों ने प्रवासियों को क्षेत्र से बाहर निकालने के लिए सक्रिय कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। आज ब्लॉक 2 में 25 ग्राम पंचायतों ने सामूहिक रूप से फैसला लेते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए। इनमें प्रवासियों का कोई भी दस्तावेज़ रिकॉर्ड न बनाने, बिना दस्तावेजों के रह रहे प्रवासियों को गांव से बाहर करने और उन्हें यहां जमीन न खरीदने देने जैसे मुद्दे शामिल हैं। गांव बजवाड़ा के सरपंच राजेश कुमार और अन्य पंचायतों के सरपंचों ने कहा कि पंजाब सरकार को भी इस मामले पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए उनके प्रस्तावों को कानून बनाकर पूरे प्रदेश में लागू किया जाना चाहिए। 25 पंचायतों के सामूहिक फैसले… पंजाब में पंजाबियों को ही सरकारी नौकरी देने और उन्हें ही जमीन खरीदने का अधिकार देने के लिए जमीन स्तर पर संघर्ष कर रहे अमितोज मान के नेतृत्व वाले पंजाब मोर्चा के संयोजक कुमार गौरव राणा, भगवंत सिंह मटौर और रिटायर्ड अधिकारी गुरबचन सिंह बैंस ने कहा कि होशियारपुर की इन 25 पंचायतों ने पंजाब के पुरातन कल्चर को कायम रखने के लिए आज नींव रख दी है। उन्होंने कहा कि पंजाब में पीढ़ी दर पीढ़ी रहने वाला हिंदू, सिख, मुसलमान सब पंजाबी हैं। यह किसी धर्म की नहीं, बल्कि पंजाब के वर्चस्व को कायम रखने की लड़ाई है। इसलिए बाहर से आने वाले प्रवासियों को रोकना बेहद सही कदम है। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी के प्रवास करने पर कोई दिक्कत नहीं है, मगर उनके यहां पर स्थायी जमीन खरीदने और उनमें शामिल कुछ लोगों द्वारा पंजाब का माहौल खराब करने को लेकर रोष है। उन्होंने पंचायतों द्वारा किए गए फैसले का स्वागत किया है। इस अभियान में शामिल अमितोज मान, एक प्रमुख एक्टिविस्ट, पंजाब के दरिया और नहरों को स्वच्छ करने और मूलभूत अधिकारों के लिए जागरूकता फैला रहे हैं। उन्होंने 36 सूत्रीय फॉर्मूला बनाया है और लोगों को जमीन, नौकरी और डोमिसाइल के अधिकारों के प्रति जागरूक कर रहे हैं। वह जय पंजाबी फिल्म इंडस्ट्री में प्रोड्यूसर और हीरो भी रह चुके हैं।









