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HomePoliticsकांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ शुरू हो गई है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ शुरू हो गई है। इस यात्रा में राहुल गांधी अपनी ‘मोहब्बत की दुकान’ में सफर कर रहे हैं। ‘मोहब्बत की दुकान’ एक वॉल्वो बस है, जिसमें लोगों को संबोधित करते लिए एक हाइड्रोलिक लिफ्ट भी लगी है।

इस बस का एक वीडियो खूब वायरल हो रहा है, जिसमें राहुल गांधी पहली सीट पर व्हाइट कलर की टी-शर्ट पहने बैठे हैं। वहीं एक महिला के कहने पर वे नीचे उतरकर आते हैं और महिला उन्हें एक जैकेट पहनाती है। बस पर ‘मोहब्बत की दुकान’ लिख है। इसके जरिए राहुल गांधी सफर के दौरान लोगों से मिलकर उनमें मोहब्बत बांटेंगे।

राहुल गांधी की ‘मोहब्बत की दुकान’ सिर्फ राहुल गांधी और कांग्रेसी नेताओं के लिए नहीं है, बल्कि लोग भी इसमें चढ़कर सफर कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें एक स्पेशल टिकट लेना होगा। इस टिकट के जरिए लोग भारत जोड़ो न्याय यात्रा का हिस्सा बन सकते हैं। इस टिकट पर राहुल गांधी की तस्वीर छपी है और इसमें उनके हस्ताक्षर भी हैं।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने इस स्पेशल ‘टिकट’ के साथ तस्वीर खिंचवाई और इसे अपने X अकाउंट पर पोस्ट करके लोगों को टिकट खरीदकर यात्रा से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा के 10 साल के अन्याय काल के खिलाफ जो लोग हैं, जो न्याय यात्रा का हिस्सा बनना चाहते हैं, जो ‘मोहब्बत की दुकान’ में राहुल गांधी से मिलना चाहते हैं, उनसे बातचीत करना चाहते हैं, वे स्पेशल टिकट खरीदकर उनसे मिल सकते हैं।

बता दें कि राहुल गांधी की ‘मोहब्बत की दुकान’ 15 राज्यों के 100 लोकसभा क्षेत्रों में जाएगी। करीब 6700 किलोमीटर का सफर तय करेगी। कई जगहों पर राहुल गांधी पैदल भी सफर करेंगे। न्याय यात्रा 20 मार्च को मुंबई में खत्म होगी। ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ 15 जनवरी दिन सोमवार को नागालैंड की राजधानी कोहिमा के खुजाना गांव में पहुंची।

बता दें कि राहुल गांधी ने ही सबसे पहले ‘मोहब्बत की दुकान’ शब्द का इस्तेमाल किया था, जब वे कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा पर थे। इस दौरान उन्होंने घोषणा की थी कि वे ‘नफरत के बाजार’ में ‘मोहब्बत की दुकान’ खोलेंगे।

भारत जोड़ो न्याय यात्रा के दौरान नागालैंड की राजधानी कोहिमा में राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें राम मंदिर अयोध्या में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में जाने को लेकर सवाल पूछने पर उन्होंने जवाब दिया कि उन्हें धर्म का फायदा उठाने में कोई इंटरेस्ट नहीं है। 22 जनवरी को होने वाला धार्मिक समारोह राजनीतिक कार्यक्रम बन गया है।

हिंदू नेताओं ने इस राजनीतिक कार्यक्रम में जाने से इनकार किया है। RSS-BJP दोनों ने मिलकर धार्मिक कार्यक्रम को चुनावी रूप दे दिया, इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष ने वहां जाने से इनकार कर दिया। धर्म की बात होगी तो हम सभी धर्मों के साथ खड़े हैं, लेकिन धर्म को लेकर राजनीति नहीं करेंगे।

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Posted By City Home News