नई दिल्ली (16 अगस्त 2025) — देश के प्रमुख निजी बैंक HDFC बैंक ने अपने सेविंग्स, सैलरी और NRI खातों से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं, जो 1 अगस्त 2025 से प्रभावी हो चुके हैं। इस बदलाव का असर कैश ट्रांजैक्शन, IMPS/NEFT ट्रांसफर, चेकबुक, और ब्रांच-आधारित सेवाओं पर सीधे पड़ेगा। आइए जानते हैं इन परिवर्तनों का पूरा विवरण:

कैश ट्रांजैक्शन में बदलाव
- महीने में सिर्फ 4 फ्री कैश लेनदेन अब मुफ्त होंगे।
- फ्री कैश ट्रांजैक्शन की मान्यता राशि घटकर 1 लाख रुपये हो गई है, पहले यह सीमा 2 लाख रुपये थी।
- इसके बाद हर ₹1,000 (या उसका हिस्सा) पर ₹5 का शुल्क, न्यूनतम ₹150।
- किसी शाखा में किए गए थर्ड-पार्टी कैश ट्रांजैक्शन की डेली लिमिट 25,000 रुपये है, इससे अधिक लेन-देन अस्वीकृत होगा।
IMPS और NEFT चार्ज में राहत
- ऑनलाइन IMPS ट्रांसफर में अब ₹1,000 तक का ट्रांसफर नियमित ग्राहकों से ₹2.5 और वरिष्ठ नागरिकों से ₹2.25 लिया जाएगा — पहले यह क्रमशः ₹3.5 और ₹3 था।
- ₹1 लाख से ऊपर IMPS ट्रांसफर के लिए शुल्क घटकर ₹13.5 (पहले ₹15) हुआ।
- NEFT (ब्रांच ट्रांसफर):
- ₹10,000 तक: ₹2 (सीनियर: ₹1.8)
- ₹1 लाख से ₹2 लाख: ₹14 (सीनियर: ₹12.6)
- ₹2 लाख से अधिक: ₹24 (सीनियर: ₹21.6)
चेकबुक और शाखा-आधारित सुविधाएँ महंगी हुईं
- अब हर खाते को प्रति वर्ष सिर्फ एक मुफ्त 10-पन्नों की चेकबुक मिलेगी। पहले यह 25 पन्नों की मुफ्त होती थी।
- अतिरिक्त पन्नों के लिए ₹4 प्रति पन्ना लगेगा (सीनियर ग्राहकों के लिए थोड़ी छूट)।
- शाखा पर जारी किए जाने वाले बैलेंस, ब्याज या एड्रेस सर्टिफिकेट अब ₹100 (सीनियर: ₹90) प्रति सेवा पर मिलेंगे — पहले ये निःशुल्क थे।
अन्य सेवाओं के शुल्क में वृद्धि
- ECS/ACH रिटर्न की फीस बढ़कर ₹500 (पहली बार) और ₹550 (दूसरे से आगे) हो गई है — पहले ये क्रमशः ₹450 और ₹500 थे।
- चेक रिटर्न फी (जैसे अपर्याप्त निधि): ₹500 (सीनियर: ₹450) और तकनीकी कारणों से रिटर्न पर ₹50 (सीनियर: ₹45)।
- IPIN रीजनरेशन अब निशुल्क है, जबकि पहले यह ₹40 (सीनियर: ₹36) थी।









