
नई दिल्ली (16 अगस्त 2025) — प्राकृतिक आपदाओं की खतरनाक सूची में बादल फटने (cloudburst) की घटनाएं न केवल दुर्लभ हो रही हैं, बल्कि इनके पैटर्न में भी परिवर्तन देखा जा रहा है। हालिया आंकड़ों के मुताबिक:
- पिछले 46 वर्षों में भारत में केवल 30 बादल फटने की घटनाएं दर्ज हुईं, जो इस आपदा की दुर्लभता को दर्शाती हैं।
- लेकिन केवल पिछले 9 वर्षों में आठ ऐसी भयावह आपदाओं के दृश्य सामने आए—यह स्पष्ट संकेत है कि इनकी आवृत्ति और परिणाम गंभीर रूप से बढ़े हैं।
क्यों बढ़ रही हैं घटनाएं?
- जलवायु परिवर्तन — समुद्र का ताप बढ़ने से वायुमंडल में अधिक नमी बनी रहती है, जिससे तेज़ और अचानक बारिश संभव होती है।
- भौगोलिक कारक — हिमालय की ढलानें, ग्लेशियर और कटाव संवेदनशील इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं को और बढ़ा देते हैं।
- मानव-जनित बदलाव — जंगलों की कटाई, बांधों का निर्माण और शहरों का तेजी से विस्तार इन आपदाओं के जोखिम को बढ़ाते हैं।









