
शिवसेना (यूबीटी) विधायक आदित्य ठाकरे ने पाकिस्तान के खिलाफ टीम उतारने के फैसले को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे राष्ट्र के बलिदानों और सिद्धांतों के साथ विश्वासघात बताया।
एक्स (X) पर पोस्ट करते हुए ठाकरे ने आरोप लगाया कि बीसीसीआई राष्ट्रहित से ज्यादा राजस्व को महत्व दे रहा है। उन्होंने लिखा— “खून और पानी साथ नहीं बह सकते, लेकिन बीसीसीआई के लिए खून और राजस्व साथ बह सकते हैं।”
शिवसेना नेता ने यह भी बताया कि उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखा है और केंद्र सरकार से इस मामले में दखल देने की मांग की है, ताकि बीसीसीआई के इस शर्मनाक कदम को रोका जा सके।
ठाकरे ने जोर देकर कहा कि जहां भारत लगातार पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर अलग-थलग करने की कोशिश कर रहा है और सांसदों के प्रतिनिधिमंडल को विभिन्न देशों में भेज रहा है, वहीं क्रिकेट बोर्ड का यह निर्णय उन्हीं प्रयासों को कमजोर करता है।
“खून और पानी साथ नहीं बह सकते, लेकिन @BCCI के लिए खून और राजस्व साथ बह सकते हैं।
मैंने केंद्रीय मंत्री श्री मनसुख मांडविया जी को पत्र लिखा है और केंद्र सरकार से बीसीसीआई के इस शर्मनाक कदम में हस्तक्षेप करने की मांग की है, जिसमें पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलने के लिए टीम भेजी जा रही है।”









