
चंडीगढ़: वित्तीय संकट से जूझ रही पंजाब सरकार ने अपनी आय बढ़ाने के लिए एक बार फिर 28 साल पुरानी योजना का सहारा लेने का फैसला किया है। जनता के विरोध के बाद जहां लैंड पूलिंग स्कीम को वापस लेना पड़ा, वहीं अब आम आदमी पार्टी सरकार “खाली सरकारी जमीनों के सर्वोत्तम उपयोग (OUVGL) स्कीम” को दोबारा लागू करने जा रही है। यह योजना सबसे पहले वर्ष 1997 में शुरू की गई थी।
OUVGL स्कीम 2.0 के तहत राज्य सरकार की सभी प्रमुख और अनुपयोगी संपत्तियों को पंजाब अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PUDA) को सौंपा जाएगा। PUDA इन संपत्तियों को विकसित कर आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक क्षेत्रों में बदलेगा और फिर इनकी नीलामी की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, बीते दिन पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने सभी प्रशासनिक सचिवों के साथ बैठक कर योजना को लागू करने की रणनीति पर चर्चा की। बैठक में यह भी तय किया गया कि किन-किन जमीनों और सरकारी संपत्तियों को PUDA को हस्तांतरित किया जा सकता है ताकि उनकी नीलामी से राजस्व अर्जित किया जा सके।
सरकार का मानना है कि इस योजना के जरिए न केवल राज्य की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलेगी, बल्कि शहरी विकास को भी नई दिशा मिलेगी।









