
अमेरिका में विदेशी छात्रों और एक्सचेंज विज़िटर्स के लिए नए नियम लागू होने जा रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने घोषणा की है कि अब वीज़ा की अधिकतम अवधि सिर्फ चार साल होगी। पहले छात्रों को उनके “स्टेटस की अवधि” के आधार पर अनिश्चितकाल तक अमेरिका में रहने की अनुमति मिलती थी, जो 1978 से लागू नियम था।
गृह सुरक्षा विभाग ने कहा कि लंबे समय से विदेशी छात्रों और अन्य वीज़ा धारकों को लगभग बिना समय सीमा के अमेरिका में रहने की छूट दी गई थी। प्रशासन का तर्क है कि इस व्यवस्था से सुरक्षा खतरे बढ़े, टैक्सदाताओं के पैसे की बर्बादी हुई और अमेरिकी नागरिकों को नुकसान झेलना पड़ा।
नए नियम लागू होने के बाद, न सिर्फ विदेशी छात्र बल्कि प्रोफेसर, डॉक्टर और अन्य वीज़ा धारकों की अमेरिका में रहने की अवधि तय सीमा में बंध जाएगी। इसका सीधा असर उन लाखों छात्रों पर पड़ेगा जो अमेरिका को उच्च शिक्षा के लिए पहली पसंद मानते हैं।
ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम वीज़ा के दुरुपयोग को रोकने और राष्ट्रीय सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए उठाया गया है। हालांकि, शिक्षा विशेषज्ञों और कुछ संगठनों का मानना है कि इससे विदेशी छात्रों की संख्या पर असर पड़ सकता है और अमेरिकी विश्वविद्यालयों की आय में भी गिरावट आ सकती है।









