मोहन भागवत ने रिटायरमेंट अटकलों को किया खारिज, बोले– संघ कहेगा तो 80 साल की उम्र में भी चलाऊंगा शाखा

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने उन तमाम अटकलों पर विराम लगा दिया है, जिनमें कहा जा रहा था कि वे पद से हटने की तैयारी कर रहे हैं या फिर भाजपा-आरएसएस नेताओं पर उम्र सीमा को लेकर दबाव बना रहे हैं।
भागवत ने स्पष्ट कहा कि संघ में पद छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं है। उन्होंने कहा—
“मैंने कभी नहीं कहा कि मुझे या किसी और को पद छोड़ना चाहिए। संघ में हमें जिम्मेदारी दी जाती है, चाहे हम चाहें या न चाहें। यदि मैं 80 साल का हो जाऊं और मुझे शाखा चलाने के लिए कहा जाए, तो मुझे जाना ही पड़ेगा। हम वही करते हैं जो संघ कहता है।”
उन्होंने यह भी कहा कि संघ में कोई भी व्यक्ति सरसंघचालक हो सकता है और यह किसी की निजी महत्वाकांक्षा का विषय नहीं है।
महाकुंभ में शामिल न होने पर उठे सवालों का जवाब देते हुए भागवत ने कहा—
“हम वहीं जाते हैं, जहां हमें कहा जाता है। मैंने महाकुंभ के लिए तारीख तय की थी, लेकिन संगठन ने बताया कि वहां भीड़ होगी, इसलिए मैं नहीं गया। हमारे प्रतिनिधि मौजूद थे। कृष्ण गोपाल जी ने मेरे लिए गंगा जल भेजा और मैंने मौनी अमावस्या पर उसी जल से स्नान किया। संघ जो कहता है, हम वही करते हैं। अगर संघ नरक जाने को कहेगा, तो मैं वहां भी जाऊंगा।”









