पंजाब में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश और पहाड़ों में तेज बरसात के कारण सतलुज नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में भारी वर्षा के बाद सतलुज में पानी का दबाव तेज हो गया है, जिससे जालंधर में भी अभी बाढ़ का खतरा बना हुआ है। इसे लेकर जालंधर जिला प्रशासन के अधिकारी अलर्ट पर हैं और सतलुज पर प्रशासनिक टीमें तैनात की गई हैं। दरिया किनारे बसे गांव के हालात चिंता जनक दरिया किनारे बसे गांवों के लिए हालात सबसे अधिक चिंताजनक हो गए हैं। सोंगवाला और धुरसी बांध के आसपास पानी का बहाव इतना तेज है कि स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण मिलकर बांध को सुरक्षित रखने में जुटे हैं। पहाड़ों में अगर बारिश होती है तो सतलुज का जलस्तर और ऊपर जा सकता है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है कि पंजाब के मैदानी इलाकों में सामान्य से अधिक वर्षा की संभावना है, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव और बढ़ सकता है। 10 गांव अलर्ट पर, ऊंची जगह पर जाने की चेतावनी मौसम विज्ञानियों ने यह भी बताया कि मानसून अभी पूरी तरह कमजोर नहीं पड़ा है। पहाड़ी इलाकों में बादलों के फटने और भारी वर्षा की घटनाएं सितंबर के दूसरे हफ्ते तक बनी रह सकती हैं। इसका सीधा असर सतलुज नदी पर पड़ेगा। जालंधर में प्रशासन ने दरिया किनारे बसे लगभग 10 गांवों को अलर्ट पर रखा है। लोगों को लगातार चेतावनी दी जा रही है कि वे नदी के पास न जाएं और ऊंचे स्थानों पर शरण लें। हालांकि शहर में आज बारिश का अलर्ट नहीं है। ससराली बांध टूटने बढ़ी जालंधर और लुधियाना प्रशासन की चिंता सतलुज से सटे जालंधर और लुधियाना में पड़े ससराली बंध ने गुरुवार से जिला प्रशासन के अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी। गुरुवार को सतलुज दरिया का बहाव तेज के कारण ससराली कालोनी में बांध का कुछ हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। बांध कमजोर होने का पता चलते ही कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडिया भी मौके पर पहुंच गए थे।









