
वॉशिंगटन – अमेरिका के पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जॉन बोल्टन ने भारत-अमेरिका संबंधों पर बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच कभी गहरे निजी संबंध थे, लेकिन अब वह रिश्ता पूरी तरह खत्म हो चुका है।
ब्रिटिश मीडिया पोर्टल LBC को दिए इंटरव्यू में बोल्टन ने कहा कि ट्रंप अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नेताओं के साथ अपनी व्यक्तिगत समीपता से जोड़कर देखते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, “अगर उनके रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से अच्छे रिश्ते होते, तो इसका मतलब यह नहीं कि अमेरिका और रूस के संबंध भी बेहतर होते। हकीकत इससे अलग है।”
बोल्टन, जो ट्रंप के पहले कार्यकाल में NSA रहे हैं और अब उनके आलोचक माने जाते हैं, ने स्पष्ट किया कि मोदी-ट्रंप की निजी समझदारी भी भारत-अमेरिका रिश्तों को संकट से नहीं बचा सकी। उनके अनुसार, यह सभी विश्व नेताओं के लिए सबक है कि निजी नजदीकी हमेशा कूटनीति को नहीं संभाल सकती।
उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीतियों और भारत पर लगातार की गई आलोचनाओं ने रिश्तों में तनाव और बढ़ा दिया। सोशल मीडिया पर साझा किए एक पोस्ट में बोल्टन ने यहां तक कहा कि वॉशिंगटन की नीतियों ने “भारत-अमेरिका संबंधों को दशकों पीछे धकेल दिया है, जिससे प्रधानमंत्री मोदी रूस और चीन के करीब चले गए हैं। चीन खुद को अमेरिका और डोनाल्ड ट्रंप के विकल्प के तौर पर पेश कर रहा है।”









