
नई दिल्ली:
रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी पर वित्तीय विवाद का नया मोड़ आया है। बैंक ऑफ बड़ौदा ने उन्हें फ्रॉडी (धोखाधड़ी करने वाला) घोषित कर दिया है। इससे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) और बैंक ऑफ इंडिया (BOI) ने भी इसी तरह का निर्णय लिया था।
जानकारी के अनुसार, दिवालिया हुई रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) ने 2017 के बाद 1,656 करोड़ रुपये का कर्ज वापस नहीं किया। बैंक के आंकड़ों के अनुसार, आरकॉम ने कुल 2,462.50 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था, जिसमें से अभी 1,656.07 करोड़ रुपये बकाया हैं। यह कर्ज 5 जून, 2017 से गैर-निष्पादित संपत्ति (NPA) का दर्जा प्राप्त कर चुका है।
NPA उस स्थिति को कहते हैं जब किसी व्यक्ति या कंपनी द्वारा 90 दिन या उससे अधिक समय तक बैंक कर्ज की किस्त या ब्याज का भुगतान नहीं किया जाता है।
बैंक ऑफ इंडिया ने अपने स्टॉक मार्केट रिपोर्ट में बताया कि 2016 में फंड्स का कथित दुरुपयोग किया गया था। बैंक ने इस मामले में कंपनी के पूर्व निदेशक और रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी का नाम भी लिया है।









