फाजिल्का जिले के अबोहर शहर में गैस पाइप लाइन बिछाने के दौरान ठेकेदारों की लापरवाही से सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंच रहा है। खुदाई के दौरान पानी और सीवरेज की पाइप लाइनें लगातार क्षतिग्रस्त हो रही हैं। एसडीएम और निगम की चेतावनी मलोट रोड स्थित नंद के ढाबे के पास हाल ही में पानी की पाइप लाइन टूटने से हजारों लीटर पानी सड़कों पर बह गया। इससे न केवल पानी की बर्बादी हुई बल्कि जलभराव की स्थिति से आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। एसडीएम और नगर निगम की चेतावनियों के बावजूद ठेकेदार बिना किसी भय के काम जारी रखे हुए हैं। नगर निगम पानी की बर्बादी को लेकर कड़ी कार्रवाई करता है, वह ठेकेदारों के विरुद्ध कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। संसाधनों की बर्बादी कानूनी अपराध सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और महत्वपूर्ण संसाधनों की बर्बादी कानूनी अपराध है। फिर भी अबोहर में यह सब खुले तौर पर हो रहा है और प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। शहरवासियों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि ठेकेदारों के पीछे किस शक्ति का समर्थन है। जिसके कारण प्रशासनिक आदेश भी प्रभावहीन साबित हो रहे हैं। ठेकेदारों की मनमानी, अधिकारियों की चुप्पी ठेकेदार और उनके संरक्षणकर्ताओं को कटघरे में खड़ा करना जरूरी है। वरना ठेकेदारी गुंडागर्दी और प्रशासन की चुप्पी मिलकर अबोहर शहर को बर्बादी की ओर ले जाएगी। शहरवासियों को चाहिए कि वे इस गंभीर मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज बुलंद करें। पानी और सरकारी संपत्ति की बर्बादी केवल प्रशासन की समस्या नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। जब तक जनता सवाल नहीं पूछेगी और जवाबदेही की मांग नहीं करेगी, तब तक ठेकेदारों की मनमानी और अधिकारियों की चुप्पी का खेल यूं ही चलता रहेगा। यह लड़ाई अब हर अबोहरवासी की है।









