
भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव का असर धार्मिक यात्राओं पर भी साफ नज़र आ रहा है। केंद्र सरकार ने इस साल नवंबर में होने वाले श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान भेजने से इंकार कर दिया है। गृह मंत्रालय ने पंजाब समेत छह राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र जारी कर इसकी जानकारी दी है।
पत्र में साफ लिखा गया है कि मौजूदा हालात और सुरक्षा कारणों को देखते हुए जत्था भेजना संभव नहीं है। मंत्रालय ने पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकारों से कहा है कि वे सिख संगठनों को इस स्थिति से अवगत कराएं और न ही पासपोर्ट और आवेदन प्रक्रिया शुरू करें।
पृष्ठभूमि में देखें तो, पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान से कूटनीतिक रिश्ते तोड़ दिए थे। इसके चलते अटारी सीमा से व्यापार और आवागमन भी पूरी तरह बंद हो गया था। हालात यहां तक बिगड़े कि दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालात बन गए।
हालांकि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने कहा है कि उसे अभी तक केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। प्रवक्ता का कहना है कि यह पत्र राज्य सरकार को भेजा गया है और वही औपचारिक सूचना साझा करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक आधिकारिक जानकारी नहीं मिलती, तब तक कोई टिप्पणी करना जल्दबाज़ी होगी।
प्रवक्ता ने तर्क दिया कि अगर भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीमें आपस में मैच खेल सकती हैं, तो धार्मिक जत्थे को भी भेजने की अनुमति मिलनी चाहिए। साथ ही, सिख श्रद्धालुओं ने करतारपुर कॉरिडोर को खोलने की मांग भी दोहराई है।









