
पाकिस्तान का जैश-ए-मोहम्मद अपने संगठन को फिर से स्थापित करने के लिए एक नई साजिश रच रहा है. इसके लिए जैश-ए-मोहम्मद ने ‘ऑपरेशन 313’ शुरू किया है. इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए आतंकी करीब 4 हजार मिलियन पाकिस्तानी रुपये इकट्ठा करने में जुटे हैं.
जानकारी के अनुसार, इकट्ठे किए हुए इन पैसों से जैश आतंकियों की ट्रेनिंग के लिए 313 मदरसे और करीब 150 कैंप बनाएगा. ये मदरसे पाकिस्तान में बॉर्डर के इलाकों में बनाए जाएंगे. इस साल के अंत तक POK में 30 से ज्यादा हाईटेक मदरसे और कैंप बनाने का टारगेट फिक्स किया गया है.
फंडिंग से जुड़ी रसीदें मौजूद
ऑपरेशन 313 के तहत आतंकियों द्वारा इकट्ठे किए जा रहे पैसों की रसीदें TV9 भारतवर्ष के पास मौजूद हैं. इन रसीदों से पता चलता है कि जैश संगठन 4 हजार मिलियन पाकिस्तानी रुपये इकट्ठा करने की योजना बना रहा है ताकि वह अपने मदरसे और कैंप फिर से बना सके और आतंकियों को ट्रेनिंग दी जा सके. इस ऑपरेशन के तहत हर जैश समर्थक को 21,000 पाकिस्तानी करेंसी देना अनिवार्य है.
यहां देखें रसीदें:
विदेशों से हो रही है फंडिंग
पाकिस्तान से ही नहीं बल्कि विदेशो से भी इसके लिए फंड आ रहा है. खाड़ी देशों, सऊदी, मलेशिया, UAE और बांग्लादेश समेत कई देशों से करोड़ों की फंडिंग इकट्ठी हुई है. फंड को रेज करने के लिए डिजिटल अकाउंट्स का भी इस्तेमाल किया जा रहा है. FATF मनी ट्रांजेक्शन पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है.
ऑपरेशन सिंदूर में हो गया था ध्वस्त
दरअसल, पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत जैश-ए-मोहम्मद को ध्वस्त कर दिया था, जिसके बाद इस आतंकी संगठन के चीफ मसूद अजहर ने जैश-ए-मोहम्मद के मुख्यालय को फिर से बनाने के लिए एक ऑपरेशन शुरू किया है. जमात ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए कहा था कि सब मिलकर एकजुट हों और एक साथ मिलकर काम करें.










