Add Your Heading Text Here

HomeWorldपूरी दुनिया आ रही फिलिस्तीन के साथ, फिर तालिबान क्यों है UN से नदारद
पूरी दुनिया आ रही फिलिस्तीन के साथ, फिर तालिबान क्यों है UN से नदारद

फिलिस्तीन को यूएन में मान्यता दिलाने की कवायद शुरू हो गई है. मंगलवार को होने वाली संयुक्त राष्ट्र की मीटिंग पर सबकी नजर है. जहां चार्टर के अनुच्छेद-4 के तहत मतदान किया जाएगा. जिसमें स्थायी और अस्थायी देश फिलिस्तीन को राष्ट्र की मान्यता देने के लिए वोट करेंगे.

सुरक्षा परिषद में 15 देश शामिल हैं, जिसमें 5 स्थाई और 10 अस्थाई सदस्य है. यहां से प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद ही बात आगे बढ़ पाएगी. अमेरिका को छोड़कर सभी देशों की फिलिस्तीन के पक्ष में वोट करने की उम्मीद है. क्यों हाल ही में होने वाले सभी संयुक्त राष्ट्र की सभाओं में मुस्लिम देशों के साथ-साथ यूरोपीय देशों ने भी फिलिस्तीन की मान्यता के लिए आवाज उठाई है. लेकिन अफगानिस्तान नेतृत्व इन सभी सभाओं से नदारद रहा है.

क्यों गायब है अफगानिस्तान?

अफगानिस्तान 1946 से संयुक्त राष्ट्र का सदस्य है. हालांकि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुच्छेद 19 के मुताबिक कोई भी देश जो दो साल या उससे ज्यादा समय तक अपनी सालाना सदस्यता शुल्क का भुगतान नहीं करता है, वह महासभा में मतदान का अधिकार खो देता है.

अफगानिस्तान का सालाना करीब 2 लाख डॉलर UN को देना है. लेकिन हाल के सालों में यह राशि चुकाई नहीं गई है और देश का कर्ज़ अब 9 लाख डॉलर से ज्यादा हो गया है.

क्यों अफगानिस्तान संयुक्त राष्ट्र से दूर है?

2021 में अफगानिस्तान पर तालिबान ने कंट्रोल कर लिया था. जिसके बाद उसके महिलाओं को लेकर रुख और कई कानूनों पर कई पश्चिमी देश और संयुक्त राष्ट्र को आपत्ति है. तालिबान सरकार को रूस के अलावा किसी देश ने मान्यता नहीं दी है. जिसके वजह से अफगानिस्तान दूनिया से दूर हो गया है.

क्या कहते हैं जानकार?

राजनीतिक मामलों के जानकार तोरियालाई जजई ने कहा, “इस मामले में, दुनिया के देश और संयुक्त राष्ट्र ही दोषी हैं कि वे अफगानिस्तान को मान्यता नहीं देते, फिर भी उससे धन की मांग करते हैं.”

अंतर्राष्ट्रीय जानकारों का तर्क है कि अफगानिस्तान के मताधिकार का हनन सिर्फ संयुक्त राष्ट्र की प्रशासनिक प्रक्रिया में एक तकनीकी मुद्दा नहीं है, बल्कि वैश्विक कूटनीति में देश की घटती भूमिका को दर्शाता है.

About Author

Posted By City Home News

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *