
महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। Uddhav Thackeray के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) में बढ़ती अंदरूनी खींचतान के बीच छह सांसदों की बगावत की वजह सामने आने का दावा किया जा रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष Om Birla के समक्ष एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया है, जिसमें शिवसेना (UBT) के भविष्य को लेकर गंभीर आशंका जताई गई है।
कांग्रेस में विलय की आशंका बना विवाद का कारण
रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रस्ताव में कहा गया है कि शिवसेना (UBT) के कांग्रेस के साथ विलय की संभावनाओं को लेकर पार्टी के भीतर चिंता बढ़ रही थी।
प्रस्ताव में यह भी उल्लेख किया गया है कि बालासाहेब ठाकरे द्वारा स्थापित शिवसेना की विचारधारा और पार्टी का गठन कांग्रेस में विलय के उद्देश्य से नहीं किया गया था।
इसी मुद्दे को लेकर कई सांसदों में असंतोष बढ़ने की बात कही जा रही है।
संजय राउत के बयानों से बढ़ी नाराजगी
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि Sanjay Raut के कुछ सार्वजनिक बयानों के बाद पार्टी के भीतर असहमति और तेज हो गई।
हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि कौन-कौन से सांसद औपचारिक रूप से पार्टी छोड़ चुके हैं या उन्होंने किसी दूसरे दल में शामिल होने का अंतिम फैसला लिया है।
महाराष्ट्र में फिर दिखने लगे 2022 जैसे हालात
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि बड़ी संख्या में सांसद पार्टी छोड़ते हैं तो महाराष्ट्र एक बार फिर 2022 जैसी राजनीतिक उथल-पुथल का सामना कर सकता है, जब शिवसेना दो गुटों में बंट गई थी।
इस पूरे घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है और आने वाले दिनों में कई बड़े राजनीतिक फैसले देखने को मिल सकते हैं।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार
फिलहाल कांग्रेस में शिवसेना (UBT) के विलय को लेकर न तो पार्टी नेतृत्व की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा की गई है और न ही संबंधित सांसदों की तरफ से औपचारिक पुष्टि सामने आई है।
ऐसे में इस पूरे मामले को अभी दावों और राजनीतिक अटकलों के तौर पर ही देखा जा रहा है।








