पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान की ‘मैं पंजाब बोलदा हां’ की महा डिबेट लुधियाना स्थित पी. ए. यू. के डॉ. मनमोहन सिंह ऑडिटोरियम में हुई। कार्यक्रम में 5 कुर्सियां लगाई गई थीं जिनमें से 4 खाली रहीं। सीएम भगवंत मान ने SYL, ट्रांसपोर्ट, कर्ज, रोजगार और निवेश को लेकर विरोधियों पर निशाना साधा। वहीं पंजाब के मुद्दों को लेकर प्रोग्राम में बुकलेट भी बांटी गई।मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बहस में शामिल न होने पर विपक्ष को घेरा है. उन्होंने विरोधियों को भगोड़ा करार दिया है और कहा है कि पंजाब का दर्दी कौन है और गद्दार कौन है ?

आज सारा हिसाब-किताब होना था…लेकिन अब तक सत्ताधारी बहस से भागते रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज पूरे पंजाब के सामने कुर्सी के लालचियों की कुर्सियां खाली रह गईं।शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की खुली बहस पर सवाल उठाए हैं. सुखबीर बादल ने कहा है कि कर्फ्यू लगाया गया, सार्वजनिक प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया, दंगा विरोधी टीमें तैनात की गईं, संगठनों के प्रतिनिधियों को हिरासत में लिया गया और तटस्थ मीडिया को रोक दिया गया। सीएम मान बताएं कि यह कैसी “खुली” बहस है ?
पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान की खुली बहस पर सवाल उठाए हैं | उन्होंने कहा है कि पुलिस ने आम लोगों को बहस में नहीं घुसने दिया. उन्होंने पुलिस की तैनाती पर व्यंग्य करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम पुलिस अकादमी फिल्लौर में होना चाहिए था | इसके साथ ही लुधियाना शहर को सील करने की जरूरत नहीं पड़ती और ना ही पंजाबियों को परेशानी होती |









