माननीय सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश श्री संजय किशन कौल, जो राष्ट्रीय कानूनी सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष भी हैं खालसा कॉलेज में ‘नशे के खिलाफ पंजाब के अभियान में युवाओं की भूमिका’ विषय पर सेमिनार को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया में कई तरह के युद्ध चल रहे हैं, नशा उन्हीं युद्धों में से एक है.
उन्होंने कहा कि दुश्मन ताकतें हमारी भावी पीढ़ियों को नष्ट करने के लिए नशीली दवाओं की आपूर्ति के रूप में लड़ रही हैं। यह सिर्फ पंजाब की समस्या नहीं है, बल्कि सभी सीमावर्ती राज्य इस संकट से जूझ रहे हैं.
अपने कश्मीर दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वहां भी युवाओं को नशे की लत लगाई जा रही है और दूसरी सीमा से लगे बेल्ट में खांसी की दवा के रूप में नशे की सप्लाई की जा रही है. पंजाब राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण और जिला कानूनी सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित इस सेमिनार में मुख्य अतिथि के रूप में आए जस्टिस कौल ने खालसा कॉलेज के इतिहास और इमारत की सराहना करते हुए यहां पढ़ने वाले बच्चों को बधाई दी।
उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाबी पत्थरों से पानी निकालने के लिए जाने जाते हैं और ऐसे मेहनती देश के भविष्य के तौर पर आपको शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को इलेक्ट्रॉनिक्स की दुनिया से निकालकर शिक्षा के साथ-साथ खेल, समूह गतिविधियों, समाज सेवा में लगाने की जरूरत है।
अमृतसर से सुनील खोसला की रिपोर्ट









