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Bahraich Wolf Attack: बहराइच में भेड़िया रिटर्न… 7 दिन, 6 हमले और 2 की मौत, आखिर दोबारा खुंखार क्यों हुए आदमखोर?

Bahraich Wolf Attack: उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद में एक बार फिर भेड़ियों का आतंक शुरू हो चुका है. बीते एक सप्ताह में भेड़ियों के ताबड़तोड़ 6 हमलों में तीन साल की मासूम और 4 साल की लड़की की मौत हो चुकी है जबकि 6 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. टीवी9 भारतवर्ष की टीम लगातार बहराइच के उन गांवों का दौरा कर रही है, जहां रात के सन्नाटे में मौत का खुंखार खेल चल रहा है.

ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान जब टीवी9 की टीम कैसरगंज तहसील स्थित बाबनपुरवा गांव पहुंची तो वहां के लोगों के चेहरे पर आदमखोर भेड़िए का खौफ साफ देखा जा सकता था. यहां पर दो दिन पहले ही 55 वर्षीय शिव प्यारी पर आदमखोर ने हमला किया था. ये हमला रात के अंधेरे में हुआ जिसके बाद से गांव के लोग दहशत में हैं. इस मामले में प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) ने बताया कि बहराइच में भेड़ियों को पकड़ने के लिए अन्य जनपदों की टीम को बुलाकर मदद ली जा रही है. पिंजरों को फिर से खेतों में लगाया जा रहा है और ड्रोन कैमरों की मदद से उन पर लगातार नजर रखी जा रही है.

केस-1: गाय को रोटी खिलाते महिला पर हमला

जनपद के बौंडी थाना क्षेत्र इलाके में भेड़ियों ने रात से ताबड़तोड़ तीन लोगों पर हमला कर लोगों में दहशत फैला दी है. मंझारा तौकली बभननपुरवा के रहने वाले राजित राम यादव की पत्नी शिव प्यारी (60) घर के पास बंधी गाय को रोटी खिला रही थी. अंधेरे का फायदा उठाकर भेड़िए ने उनपर पीछे से हमला कर दिया. गंभीर हालत में उन्हें शहर के मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है. डॉ रामेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि गले व सिर में गंभीर जख्म हैं. भर्ती कर इलाज किया जा रहा है.

Bahraich Wolf

केस-2: खाना खा रही 4 साल की बच्ची को लेगया भेड़िया

बहराइच के परागपुरवा गांव में आदमखोर भेड़िए ने 4 साल की मासूम को अपना निवाला बना लिया. गांव के लोगों ने बताया कि बच्ची रात करीब 8 बजे परिवार के साथ बैठकर खाना खा रही थी. इसी दौरान अंधेरे का फायदा उठाते हुए आदमखोर भेड़िया वहां पहुंचा और बच्ची पर झपट्टा मारकर अपने मुंह में पकड़कर उसे ले गया. बिजली न होने के कारण गांव के लोग भेड़िए का बहुत दूर तक पीछा नहीं कर सके. सुबह खेत में बच्ची की लाश मिली जिसके हाथ और पैर भेड़िए ने नोंच खाए थे.

केस-3: सोते वक्त 18 साल के लड़के पर हमला

भेड़िए के हमले की दूसरी घटना बौंडी थाना क्षेत्र के सिपहिया हुलास ग्राम की है. यहां के रहने वाले देवचंद शुक्ला के 18 साल के बेटे आदर्श शुक्ला ने बताया कि वह चारपाई पर लेटा हुआ था. अचानक उन पर भेड़िए ने हमला कर दिया. हमले के तुरंत बाद अपने आपको बचाने के लिए आदर्श ने पास में रखी कुर्सी से भेड़िए को मारना शुरू कर दिया और शोर मचा दिया. इस पर भेड़िए जंगल की ओर भाग गए.

केस-4: मां की गोद से बच्ची को ले गया भेड़िया

तीसरी घटना भी बौंडी थाना क्षेत्र के भौंरी बहोरवा ग्राम की है. जहां मां राज श्री अपनी तीन माह की बेटी संध्या को देर रात करीब 3 बजे गोद में दूध पिला रही थी. इसी दौरान भेड़िया उनके गोद से बच्चे को उठा ले गया. शोर मचाने पर सभी लोग दौड़े. मगर बच्ची का पता नहीं चल सका. इस मामले में सुबह घर से काफी दूरी पर मासूम का कपड़ा व हाथ में पहना ब्रेसलेट दिखाई दिया. जब आसपास में देखा गया तो मासूम का अधखाया हुआ सिर का हिस्सा बरामद हुआ, जिससे मासूम की पहचान हो सकी.

केस-5 : सारथी देवी पर पीछे से भेड़िए ने किया हमला

चौथी घटना मंझारा तौकली के नरेश पुरवा निवासी सारथी देवी पर भेड़िये ने पीछे से किया हमला और गंभीर रूप से घायल कर दिया. सारथी देवी का इलाज बहराइच के मेडिकल कॉलेज में चल रहा है.

Bahraich News

केस-6: 70 वर्षीय बुजुर्ग को भेड़िए ने किया घायल

बौंडी के नंदवल गांव निवासी 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला चन्द्रा देवी पर भी भेड़िए ने हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया. बुजुर्ग महिला को इलाज के लिए बहराइच मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है.

ड्रोन से नजर, लाउड स्पीकर से दे रहे जानकारी

घटना की सूचना मिलते ही मौके पर डीएफओ बहराइच राम सिंह यादव ने पहुंचकर निरीक्षण किया. उन्होंने बताया कि बहराइच के कई गांवों में लगातार भेड़िए के हमलों की जानकारी मिल रही है. ग्रामीणों को लाउड स्पीकर से जागरूक किया जा रहा है. कई अन्य जनपदों से टीम को बुलाया गया है और ड्रोन कैमरे से निगरानी की जा रही है. साथ ही पिंजरा भी पकड़ने के लिए लगाया जा रहा है. आगे की जांच पड़ताल की जा रही है. लगातार हो रहे भेड़िए के हमले से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है.

पिछले साल भी भेड़ियों ने मचा रखा था आतंक

पिछले साल जिले के महसी इलाके समेत अन्य जगहों पर भेड़ियों ने आतंक मचा रखा था. भेड़ियों के हमले में 5 बच्चों समेत एक महिला की जान चली गई थी, वहीं करीब 60 से अधिक लोग घायल हुए थे. वन विभाग ने अलग-अलग इलाकों में करीब 6 आदमखोर भेड़िए पकड़े थे. कई महीनों तक लोग दहशत थे और रात-रातभर जागकर उन्हें पहरेदारी करनी पड़ रही थी.

भेड़ियों ने 5 बच्चों को मार डाला था

  • 17 जुलाई 2024: हरदी इलाके में सिकंदरपुर गांव के मक्का पुरवा में एक साल के बच्चे को भेड़िया उठा ले गया.
    26 जुलाई 2024: हरदी इलाके के नकवा गांव में मां के साथ सो रही 3 साल की बच्ची प्रतिभा को भेड़िए उठा ले गया.
  • 03 अगस्त 2024: हरदी इलाके के कुलैलाल गांव में 8 साल का किशन घर में सो रहा था तभी भेड़िए उसे उठा ले गया.
  • 17 अगस्त 2024: हरदी इलाके के पूरा हिंद सिंह गांव में 4 साल बच्ची संध्या मां के साथ सो रही थी, तभी भेड़िए उसे उठा ले गया.
  • 21 अगस्त 2024: हरदी इलाके बस्ती गडरिया गांव में परिजनों के साथ सो रही बच्ची खुशबू को भेड़िए उठा ले गया.

Bahraich Police

आदमखोर से बचने के लिए कर रहे सबकुछ

  • बहराइच में आखदमखोर भेड़िए से बचने के लिए वन विभा में एक पिंजड़ा लगाया है.
  • इस पिंजड़े में एक खरगोश को रखा जा रहा है, जिससे आखदमखोर भेड़िए को पकड़ा जा सके.
  • गांव के लोग रात में पूरे इलाके में लाउडस्पीकर लगे बोलेरो चला रहे हैं, जिससे भेड़िए गांव से दूर रहें .
  • बच्चों को घर में रहने और गांव के लोगों को इकट्ठा बाहर जाने के लिए कहा जा रहा है.
  • भेड़िए को पकड़ने के लिए बंगाल और भोपाल से दो ड्रोन एक्सपर्ट टीम को लगाया गया है.

भेड़ियों के हमले का पैटर्न वही, इलाका बदला

साल 2024 में भेड़ियों के आतंक से महसी इलाके के आसपास के 35 गांव दहशत में थे. महसी इलाके में ही भेड़िए के 20 ज्यादा हमले हुए थे, जिसमें 9 लोगों की मौत हुई थी. वन विभाग की टीम ने इसके बाद पूरे इलाके से 6 भेड़िए पकड़े थे. इस बार भेड़ियों के हमले का पैटर्न भले ही पिछले साल की तरह ही हो लेकिन इस बार का इलाका जरूर बदल गया है. अभी जो हमले हो रहे हैं वो महसी और कैसरगंज तहसील का बॉर्डर इलाका है, जो पुराने इलाकों से करीब 40 किलोमीटर दूर है.

आखिर क्यों बढ़ रहे आदमखोर के हमले

बहराइच की महसी तहसील इस समय भेड़ियों के हमले के कारण चर्चा में है. महसी तहसील में कुल 235 गांव आते हैं. इसमें से 100 के करीब ऐसे गांव हैं जो घाघरा नदी के किनारे बसे हुए हैं. घाघरा नदी इन गांवों से करीब 2 से 4 किलोमीटर की दूरी पर बहती है. इसी नदी के किनारे भेड़िए मांद बनाकर रहते हैं. इस बार बाढ़ का पानी आ जाने के कारण भेड़ियों की मांद में पानी भर चुका है. अब ये आदमखोर जानवर अपना ठिकाना ढूंढने के लिए गांव की ओर पहुंच रहे हैं. यहां पर गन्ने के खेत होने के कारण ये भेड़ियों के लिए अस्थायी घर बन गया है.

गांव के किनारे बने घरों में खतरा ज्यादा

बहराइच में लगातार बढ़ रहे भेड़ियों के हमले को देखें तो उनका कुछ पैटर्न समझ में आता है. अभी तक जो भी हमले हुए हैं वो गांव के किनारे बने घरों में ही हुए हैं. इन घरों से मात्र 50 मीटर की दूरी पर गन्ने के खेत हैं. ऐसे में भेड़िए गांव में हमलाकर आसानी से इन खेतों में छुप जाते हैं. रात के अंधेरे में इन खेतों में भेड़ियों को ढूंढना नामुमकिन हो जाता है. भेड़िए गांव के किनारे बने घरों में अपना शिकार ढूंढते हैं और उन्हें खींच कर खेत के 500 मीटर बीच तक ले जाते हैं. हाल में जिन दो बच्चियों के शव बरामद हुए हैं वो उनके घर से 500 मीटर की दूरी पर शव बरामद हुए थे.

(रिपोर्ट- अनिल तिवारी/बहराइच)

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Posted By City Home News

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