
चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शहीद भगत सिंह के जन्मदिवस के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि देश की प्रगति के लिए महापुरुषों के मार्गदर्शन और उनके आदर्शों पर चलना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे शहीद-ए-आज़म के नक्शे कदमों पर चलकर रंगीन और खुशहाल पंजाब बनाने में योगदान दें।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आगामी महीनों में शहीद भगत सिंह के जड़ित गांव में एक विरासती परिसर का निर्माण किया जाएगा। इस परिसर में 100 फीट ऊँचा तिरंगा झंडा, ग्रैंड थीमैटिक गेट और शहीद भगत सिंह के अजायबघर को उनके जड़ित घर से जोड़ने वाला 350 मीटर लंबा विरासती पुल शामिल होगा। इस पुल पर शहीद के जीवन और स्वतंत्रता संग्राम की झलकियों को मूर्तिकला और 2डी/3डी कला के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
इसके अलावा परिसर में 700 सीटों वाला पूरी तरह वातानुकूलित ऑडिटोरियम और लायलपुर (अब पाकिस्तान) में स्थित उनके जड़ित घर का मॉडल भी स्थापित किया जाएगा। खटकड़ कलाओं में शहीद भगत सिंह के जड़ित घर को सुरक्षित रूप से बहाल किया जा रहा है। उनके अदालती मुकदमों की डिजिटल झलक भी दर्शकों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीद भगत सिंह और उनके पिता सरदार किशन सिंह की यादगार पर पुष्पांजलि अर्पित की। साथ ही, शहीद भगत सिंह की तस्वीर से रंगोली बनाने वाली छात्रा दीक्षा राजू को विशेष प्रशंसा दी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह विरासती परिसर न केवल शहीद भगत सिंह की वीरता और बलिदान को यादगार बनाएगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को उनके आदर्शों से प्रेरित करेगा।









