
ओटावा। कनाडा ने आज लॉरेंस बिश्नोई गैंग और उसके संबंधित सदस्यों को “आतंक और डर फैलाने वाला संगठन” घोषित कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य उन समूहों पर नकेल कसना है जो विशेष समुदायों को निशाना बनाकर हिंसा और आतंक फैलाते हैं।
यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल और कनाडाई समकक्ष नथली ड्रुइन के बीच नई दिल्ली में हुई बातचीत के एक हफ्ते बाद आया। बातचीत में दोनों पक्षों ने अंतरराष्ट्रीय अपराध और आतंकवाद से निपटने तथा द्विपक्षीय संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत करने पर सहमति जताई थी।
कनाडा के सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री गैरी आनंदसंगरे ने कहा,
“बिश्नोई गैंग ने विशेष समुदायों को डर, आतंक और हिंसा के लिए निशाना बनाया है। इसे आतंकवादी संगठन घोषित करने से हमें इनके अपराधों को रोकने और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को प्रभावी साधन प्रदान करने में मदद मिलेगी।”
इस निर्णय के बाद कनाडा में अब कुल 88 आतंकवादी संगठन सूचीबद्ध हो चुके हैं। सूची में शामिल होने के बाद संघीय सरकार को इन संगठनों की संपत्ति, वाहन और धन को जब्त या फ्रीज़ करने का अधिकार मिलेगा। साथ ही, कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इनके वित्त, यात्रा और भर्ती से जुड़े आतंकवादी अपराधों पर मुकदमे चलाने के लिए अतिरिक्त अधिकार प्राप्त होंगे।
कानून के तहत, कनाडा में या विदेश में रहने वाले किसी भी कनाडाई नागरिक के लिए जानबूझकर इस प्रकार के आतंकवादी समूह से वित्तीय लेन-देन करना अपराध माना जाएगा।









