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Gardening Tips:गमले में अरबी उगाना है आसान, जानिए सनलाइट और पानी का सही बैलेंस

गार्डनिंग करने का शौक तो बहुत से लोगों को होता है. गांव में खुली जगह होने के कारण कई पौधे-पेड़ लगाए जा सकते हैं. लेकिन शहरों में जगह को कमी के कारण कुछ ही पौधे घर की छत या फिर बालकनी पर गमले में लगाए जा सकते हैं. इसमें कुछ फूल जैसे कि गुलाब और गेंदे का फूल इसके अलावा घर पर उपयोग की जाने वाली चीजें जैसे कि करी पत्ता, एलोवेरा और कुछ पौधे शामिल हैं. इसमें आपने अरबी के पौधे के बारे में भी सुना होगा. कई लोग इसे भी अपने घर पर लगाते हैं. क्योंकि कुछ लोग इसके पत्तों के पकौड़े या दूसरे चीजें बनाकर उसका सेवन करना पसंद करते हैं.

अरबी को घुईया, कचालू या तरोई के नाम से जाना जाता है, एक पोषक तत्वों से भरपूर कंदीय सब्जी है. अरबी के पत्ते दिखने में दिल के आकार के बहुत ही सुंदर होते हैं और इसका उपयोग सजावट के लिए भी किया जा सकता है. कई लोग गमले में अरबी का पौधा लगाने के बारे में सोचते तो हैं, लेकिन सही से केयर न करने के कारण पौधे की ग्रोथ नहीं हो पाती है. तो आइए जानते हैं कि अरबी का पौधा घर पर किस तरह लगाया जा सकता है और उसकी केयर कैसे करनी चाहिए.

अरबी का पौधा

अरबी के कंद से गमले में पौधा उगा सकते हैं. आप किसी भी किस्म की अरबी का कंद ले सकते हैं. अगर इसपर अंकुर निकलना शुरू हो गया हो तो ज्यादा अच्छा रहेगा. इसे लगाने से अरबी के पत्ते मिलेंगे जिनका उपयोग खाने में किया जाता है और दूसरा अरबी भी इससे मिलेगी. इसे लगाने के लिए अरबी के कंद लें. एक बड़ा गमले में मिट्टी डालें और उसमें अरबी के कंद रखें. ऊपर से थोड़ी मिट्टी डालें, ताकि यह अच्छे से ढक जाए. अब इसमें पानी दें. इतना पानी दें कि मिट्टी पूरी गीली हो जाए.

इसके बाद गमले के ऊपर की मिट्टी सुखी नजर आने लगे तब पानी डालें. ज्यादा पानी देने से अरबी के कंद खराब हो सकते हैं. लगभग 15 से 20 दिन में इसमें से सूट यानी कि पत्तियां और तने निकलती हुई दिखेगी और 30 से 40 दिन में इसमें पत्ते नजर आ सकते हैं. 2 महीने में इसकी पहली पत्ती ले सकते हैं और लगभग 4 से 6 महीने बाद अरबी निकाली जा सकती है.

Taro Plant

कब लगाएं अरबी का पौधा ( Credit : Getty Images )

सही समय क्या है?

हर पौधे को लगाने का एक समय होता है. ऐसे ही अगर अरबी के पत्ते की बात करें तो गर्मी के शुरुआत में इसे लगाना सबसे सही माना जाता है, यानी की मार्च या अप्रैल से लेकर जुलाई तक इस पौधे को लगाने के लिए सबसे अच्छा समय माना जाता है. बरसात के मौसम में भी इसे लगाया जा सकता है. गमले में मिट्टी का मिश्रण ऐसा होना चाहिए जिसमें जल निकासी अच्छी हो. यदि गमले में पानी जमा होगा तो कंद सड़ सकते हैं.

कैसे होनी चाहिए मिट्टी?

अरबी के पौधे को लगाने के लिए 40 प्रतिशत बागवानी मिट्टी यानी की हार्डन सोइल, 30 प्रतिशत गोबर की खाद या फिर वर्मी कम्पोस्ट, 20 प्रतिशत रेत, 10 प्रतिशत कोकोपीट या पत्तियों की खाद का उपयोग किया जा सकता है. अरबी के पौधे को नमी पसंद है.

अरबी के गमले की देखभाल का तरीका

पानी की सही बैलेंस

अरबी के पौधे को नमी पसंद होती है, लेकिन ज्यादा पानी भरने के कारण यह सड़ भी सकता है. इसका मतलब यह कि मिट्टी हमेशा थोड़ी नम रहनी चाहिए, ना बहुत सूखी और ना ही बहुत गीली होनी चाहिए. रोजाना सुबह उंगली से मिट्टी को छूकर चेक करें. अगर ऊपरी 1 इंच मिट्टी सूखी हो, तभी पानी दें. गर्मियों में हर 1 से 2 दिन में पानी दें. इसके अलावा मानसून में जब जरूरत पड़े और सर्दी में भी 2 से 3 दिन और इसकी मिट्टी की नमी को चेक कर पानी दें.

Taro Plant Care Tips

जरूरत के मुताबिक पानी दें ( Credit : Getty Images )

सनलाइट में कब रखें

हर पौधे को थोड़ी देर धूप में रखने की जरूरत होती है. दिन में 3 से 5 घंटे की हल्की धूप इस पौधे के लिए सही रहेगी. तेज धूप में इसके पत्ते खराब हो सकते हैं, खासकर की गर्मी के मौसम में. इसलिए सही जगह का ध्यान रखें. ऐसी जगह पर रखें जहां धूप हल्की और थोड़ी देर के लिए ही आती हो. दोपहर की तेज धूप से बचाव हो सके. लेकिन इसके लिए थोड़ी देर की धूप जरूरी होती है, क्योंकि अगर पौधा बहुत ज्यादा छांव में रहेगा तो उसकी ग्रोथ धीमी हो सकती है.

कीट और फंगल इंफेक्शन

अगर पौधे में फंगल इंफेक्शन या कीट नजर आ रहे हैं, तो आप इसके लिए घरेलू नुस्खे भी अपना सकते हैं. इसके लिए नीम का तेल, लहसुन-अदरक का काढ़ा पत्तों पर छिड़कने से फंगल कम हो सकता है. गमले की मिट्टी में समय-समय पर नीम की खली मिलाएं.

Taro Plant In Pots

इस तरह करें अरबी के पत्ते की केयर ( Credit : Getty Images )

इन बातों का रखें ध्यान

गमले का सही चयन करना भी जरूरी है. अरबी के पौधे को खुले गमले में लगाएं. गमले के नीचे ड्रेनेज होल जरूर हो जिससे पानी बाहर निकल सके. समय-समय पर सूखी या पीली पत्तियों को काटकर हटा दें. पौधा उगने के 20 से 25 मिनट बाद गुड़ाई करें. इसके बाद 30 से 40 बाद दूसरी गुड़ाई फिर 40 से 50 दिन बाद गुड़ाई की जा सकती है. अगर पौधे के आसपास घास उग रही है, तो सबसे पहले उसे हटाएं.

पौधी की गहरी गुड़ाई न करें, नहीं तो जड़ सड़ सकती हैं. पहली गुड़ाई के लिए गोबर की खाद या कंपोस्ट मिट्टी का उपयोग कर सकते हैं. ध्यान रखें मिट्टी जल निकासी वाली होनी चाहिए. मिट्टी में नमी बनाए रखना जरूरी है, लेकिन पानी जमा होने के कारण पौधा खराब हो सकता है.

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Posted By City Home News

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