
GST सुधारों में छोटे व्यापारियों को बड़ा लाभ, कैट ने मोदी के प्रस्ताव का किया स्वागत
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जीएसटी में नेक्स्ट जनरेशन सुधारों के आह्वान का व्यापारिक समुदाय ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया है। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने इसे छोटे व्यापारियों और उपभोक्ताओं के लिए “कंज्यूमर बोनांजा” साबित होने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।
कैट ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को लिखे पत्र में कहा कि टैक्स स्लैब को तर्कसंगत बनाने और जीएसटी प्रक्रिया को सरल बनाने से देश के आंतरिक व्यापार को मजबूती मिलेगी। छोटे किराना स्टोर, फेरीवाले और पान दुकानदार जैसे रिटेल नेटवर्क के मुख्य स्तंभ इस सुधार से सीधे लाभान्वित होंगे।
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी.सी. भारतीया ने कहा कि जीएसटी सुधार केवल कर स्लैब बदलने तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि बहु-आयामी अनुपालन (compliances) के बोझ को भी कम करना जरूरी है। उन्होंने हंसा रिसर्च के अध्ययन का हवाला देते हुए बताया कि छोटे किराना स्टोरों की कुल बिक्री में लगभग 30% हिस्सा केवल पेय पदार्थों का होता है। उच्च कर दर ने इन उत्पादों की तरलता और आय क्षमता दोनों पर असर डाला है, जबकि यह उनकी सबसे ज्यादा बिकने वाली श्रेणी है।
कैट की मुख्य मांग:
व्यापारिक समुदाय की ओर से कैट ने सरकार से आग्रह किया है कि कार्बोनेटेड पेय पदार्थों को 18% GST स्लैब में रखा जाए। इससे छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी, वैल्यू चेन में रोजगार सृजन होगा और बढ़े हुए कर आधार से सरकार का राजस्व भी बढ़ेगा।
भारतीया ने अंत में कहा, “प्रधानमंत्री मोदी की घोषणा ने व्यापारियों में नई उम्मीद जगाई है। रोजमर्रा के उपयोग वाली श्रेणियों जैसे पेय पदार्थों पर जीएसटी का तर्कसंगतिकरण छोटे व्यवसाय, उपभोक्ताओं और अर्थव्यवस्था के लिए परिवर्तनकारी साबित होगा।”









