
लुधियाना: देशभर में लगातार ऐसी घटनाएँ सामने आ रही हैं, जहाँ जिम जाने वाले नौजवान अचानक हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट का शिकार हो रहे हैं। यह स्थिति न सिर्फ पंजाब बल्कि पूरे भारत में चिंता का विषय बन चुकी है।
इसी मुद्दे पर पावरलिफ्टिंग में विश्व चैंपियन रह चुके वरिष्ठ खिलाड़ी अवतार सिंह ललतों ने बड़ा बयान दिया। एक नए जिम के उद्घाटन के मौके पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि केवल जिम जाना ही फिटनेस की गारंटी नहीं है, बल्कि एक अनुभवी और प्रशिक्षित कोच का मार्गदर्शन होना बेहद ज़रूरी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि “सोशल मीडिया पर फैली कई गलत धारणाएँ युवाओं को नुकसान पहुँचा रही हैं। जैसे खाली पेट जिम करना – यह केवल उन लोगों के लिए लाभकारी है जिनके शरीर में अतिरिक्त चर्बी है। दुबले-पतले या पहले से फिट लोग अगर खाली पेट वर्कआउट करेंगे तो यह उनके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।”
ललतों ने आगे कहा कि स्टेरॉयड का इस्तेमाल करने वाले युवाओं को चेतावनी देते हुए कहा कि “फिटनेस का असली रास्ता देसी खुराक और मेहनत है। पहले लोग दिनभर शारीरिक काम करते थे, जिससे शरीर स्वस्थ रहता था। लेकिन आज लोग मान लेते हैं कि एक घंटे जिम काफी है, जबकि फिटनेस के लिए लगातार मेहनत और समय दोनों ज़रूरी हैं।”
उन्होंने यह भी दावा किया कि जिम नशामुक्ति का बेहतर जरिया है। “जो लोग कहते हैं कि नशा नहीं छोड़ सकते, वे अगर 2-3 महीने नियमित जिम करें तो बिना किसी दवाई के नशा छोड़ सकते हैं।”
इस मौके पर मौजूद कैप्टन चरणजीत सिंह, जो खुद भी फिटनेस रोल मॉडल माने जाते हैं, ने युवाओं को जिम की ओर प्रेरित करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि “आज नशे की बढ़ती लत के बीच अगर युवा अपनी ऊर्जा फिटनेस में लगाएंगे तो न केवल उनका शरीर स्वस्थ रहेगा बल्कि समाज भी एक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ेगा।”









