
नई दिल्ली: भारत में रूसी दूतावास के प्रभारी रोमन बाबुश्किन ने एक विशेष बातचीत में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पश्चिमी दबाव या प्रतिबंध भारत-रूस संबंधों को कमजोर करने की बजाय और मजबूत कर रहे हैं। बाबुश्किन ने यह भी संकेत दिया कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का इस साल भारत दौरा दोनों देशों की साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाएगा।
अमेरिकी प्रतिबंध, रूस-यूक्रेन युद्ध और बदलती वैश्विक राजनीति के बीच भारत-रूस रिश्तों पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं। बाबुश्किन ने कहा कि इस वर्ष भारत और रूस की रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे हो गए हैं, और उच्च-स्तरीय बातचीत लगातार जारी है। इसका उदाहरण हाल ही में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के बीच हुई बैठक है।
बाबुश्किन ने आगे बताया कि शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की बैठक और उसके बाद पुतिन का भारत दौरा द्विपक्षीय संबंधों के लिए अहम पड़ाव साबित होगा, जो दोनों देशों के रणनीतिक सहयोग और साझेदारी को और मजबूती देगा।









