
भारत के कैपिटल मार्केट में एक नया दौर शुरू हो चुका है और आज के युवा, खासकर 25 साल से कम उम्र के लोग, सिर्फ बचत करने तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि बड़ी मात्रा में निवेश कर रहे हैं. 2024 में ऐसे युवाओं द्वारा ITR-3 फॉर्म दाखिल करने में 600% से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई. यह आंकड़ा साफ दिखाता है कि अब निवेश सिर्फ अनुभवी लोगों का खेल नहीं रहा, बल्कि Gen Z ने इसमें भी बड़ी छलांग लगाई है.
डीमैट खाता भी तेजी से खुले
बीते वित्तीय वर्ष 2023-24 में करीब 3.7 करोड़ नए डीमैट अकाउंट खोले गए. यह भारत के शेयर बाजार में युवाओं की बढ़ती भागीदारी का संकेत है और जो संकेत मिल रहे हैं, उनके अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में यह संख्या और भी बढ़ सकती है. ये नए निवेशक सिर्फ सीखने के लिए नहीं आ रहे, बल्कि वे पैसा बनाने को लेकर गंभीर हैं और अच्छी-खासी रकम भी निवेश कर रहे हैं.
सतर्कता भी जरूरी
जहां युवा निवेशकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, वहीं एक रिपोर्ट में बताया गया कि 25 साल से कम उम्र के निवेशकों को सबसे ज्यादा घाटा भी हुआ. इसके मुकाबले 30 से 35 साल की उम्र के निवेशकों ने ज्यादा सोच-समझकर निवेश किया और स्टेबल रिटर्न हासिल किया. आमतौर पर युवा तेजी से ग्रोथ चाहते हैं, जबकि बड़े निवेशक रिस्क से बचकर स्थिर आय की ओर बढ़ते हैं.
एक बार आए, फिर लौटे नहीं
एक और खास बात यह रही कि जो युवा एक बार निवेश की दुनिया में आए, वो फिर पीछे नहीं हटे. साल 2024 में ITR-3 फाइल करने वालों की पार्टिसिपेशन रेट 91.6% थी, जबकि 2025 में भी यह 68% के मजबूत स्तर पर बनी रही. साल-दर-साल ITR दाखिल करने वाले नए उपयोगकर्ताओं की संख्या में 58% की बढ़त देखी गई. इससे पता चलता है कि बाजार में आई यह युवा पीढ़ी लंबी रेस की खिलाड़ी है.
ITR Filing की आखिरी डेट
आज ITR Filing के लिए लास्ट डेट है और अगर आप 15 सितंबर की डेडलाइन मिस करते हैं, तो आपको 5,000 तक का जुर्माना देना पड़ सकता है और रिफंड मिलने में देरी भी हो सकती है. इसलिए समय पर रिटर्न फाइल करना ही सबसे समझदारी भरा कदम होगा.









