
जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। मंगलवार को 368 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिससे नदियां और नाले उफान पर आ गए और कई इलाके बाढ़ की चपेट में आ गए।
सबसे बड़ा हादसा रियासी जिले की त्रिकुटा पहाड़ियों पर हुआ, जहां वैष्णो देवी मंदिर के रास्ते पर भूस्खलन ने तबाही मचा दी। रिपोर्टों के अनुसार, अब तक 32 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है और 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। एक अन्य घटना में कम से कम 9 श्रद्धालुओं की मौत और 21 घायल हुए। मलबे के नीचे और लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। इसके चलते वैष्णो देवी यात्रा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है।
प्रभावित क्षेत्रों में अर्धकुआरी के पास इंद्रप्रस्थ भोजनालय के आसपास बचाव कार्य जारी है। हादसे में पंजाब के मोहाली निवासी किरण भी फंस गईं, जिन्होंने बताया कि उनका पाँच लोगों का दल था, जिनमें से तीन गंभीर रूप से घायल हुए।
बारिश और भूस्खलन का असर डोडा जिले में भी देखने को मिला। यहां मकान गिरने और अचानक आई बाढ़ से चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में से दो की जान गंडोह इलाके में और दो अन्य की जान ठाठरी व भद्रवाह क्षेत्रों में गई।
बारिश से 24 से अधिक पुल और कई घर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। जम्मू-श्रीनगर और किश्तवाड़-डोडा राष्ट्रीय राजमार्ग सहित कई पहाड़ी मार्ग बंद हो गए हैं। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर जम्मू डिवीजन के सभी स्कूल 27 अगस्त तक बंद रखने का आदेश दिया है।
अधिकारियों के मुताबिक, माधोपुर बैराज का जलस्तर खतरनाक स्तर एक लाख क्यूसेक पार कर चुका है और तेजी से बढ़ रहा है। इससे कठुआ जिले के निचले इलाकों में भीषण बाढ़ आ गई है।









