किश्तवाड़ (जम्मू-कश्मीर) | 15 अगस्त 2025: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले के दूरदराज़ गांव चोसिटी (चशोटी) में गुरुवार को मचैल माता यात्रा के दौरान आई भीषण बादल फटने की घटना ने तबाही मचा दी। अब तक 46 शव बरामद, 120 लोग घायल और 200 से अधिक लोग लापता हैं। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
हादसा कैसे हुआ?
करीब सुबह 11:30 बजे, अचानक हुई मूसलाधार बारिश ने बादल फटने का रूप ले लिया। इससे आई भीषण बाढ़ ने मचैल माता यात्रा मार्ग पर बनी सामुदायिक रसोई, सुरक्षाबल का पोस्ट, कई दुकानें और वाहन बहा दिए। श्रद्धालु और स्थानीय लोग पानी के तेज़ बहाव में फंस गए।
अब तक का नुकसान
- मृतक: कम से कम 46 लोगों की मौत (श्रद्धालु और संभवतः कुछ सुरक्षा कर्मी शामिल)
- घायल: करीब 120 लोग अस्पताल में भर्ती, कई की हालत गंभीर
- लापता: 200 से अधिक लोग अब भी लापता, मलबे में दबे या पानी में बहे होने की आशंका
बचाव अभियान
सेना, वायुसेना, NDRF, SDRF और पुलिस के साथ स्थानीय स्वयंसेवक भी लगातार राहत-बचाव में जुटे हैं। पहाड़ी भूभाग, टूटी सड़कों और खराब मौसम के बावजूद राहत टीमें दिन-रात काम कर रही हैं।
अधिकारियों की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने घटना को “गंभीर” बताते हुए कहा कि स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और हर संभव मदद भेजी जा रही है।
गृह मंत्री अमित शाह, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने कहा कि सरकार “हर संभव सहायता” दे रही है और हालात पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है।









