
जब एलन मस्क की कंपनी न्यूरालिंक ने अपने पहले ब्रेन चिप मरीज का नाम सार्वजनिक किया था, तब दुनिया भर में यह खबर सुर्खियों में थी। अब, उस सर्जरी को पूरे 18 महीने हो चुके हैं और मरीज नोलैंड आर्बॉ का कहना है कि यह तकनीक उनकी ज़िंदगी को पूरी तरह बदल चुकी है।
आर्बॉ 2016 में एक स्विमिंग एक्सीडेंट का शिकार हुए थे, जिसमें उनकी रीढ़ की हड्डी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गई और कंधों के नीचे का हिस्सा पूरी तरह से निष्क्रिय हो गया। 2024 में हुए सर्जिकल इम्प्लांट के दौरान उनकी खोपड़ी में सिक्के के आकार का छेद कर एक चिप लगाया गया था, जो 1,000 से अधिक इलेक्ट्रोड्स के ज़रिए सीधे दिमाग की कोशिकाओं से जुड़ा है। यह सिस्टम मस्तिष्क के विद्युत संकेतों को डिजिटल आदेशों में बदल देता है।
आज, इसी तकनीक की मदद से आर्बॉ न सिर्फ कंप्यूटर चलाते हैं, बल्कि मारियो कार्ट गेम खेलते हैं, टीवी ऑन-ऑफ करते हैं और अपने एयर प्यूरीफ़ायर को नियंत्रित करते हैं—वह भी बिना हाथ-पाँव हिलाए। उन्होंने फॉर्च्यून को बताया कि वह रोज़ करीब 10 घंटे इस डिवाइस का इस्तेमाल करते हैं, पढ़ाई, किताबें पढ़ने और गेमिंग के लिए। आर्बॉ अब कॉलेज की पढ़ाई फिर से कर रहे हैं और बिज़नेस शुरू करने के साथ-साथ पब्लिक स्पीकिंग में करियर बनाने का सपना देख रहे हैं।
सर्जरी से पहले की स्थिति याद करते हुए उन्होंने कहा, “मैं पूरी रात जागता और दिन भर सोता था। मुझे लगता था कि मेरा कोई उद्देश्य ही नहीं है। बस वक्त गुज़र रहा है।”
लेकिन अब उनका नजरिया पूरी तरह बदल गया है। “आज मुझे लगता है कि मेरे पास फिर से संभावनाएँ हैं। फर्क बस इतना है कि अब मैं उन्हें जीने और सार्थक तरीके से पूरा करने का रास्ता देख पा रहा हूँ।”









