
केंद्र सरकार ने 3 सितंबर की शाम गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के नए स्लैब का ऐलान किया। इस फैसले से जहां रोजमर्रा की कई चीजें सस्ती होंगी, वहीं मनोरंजन और लग्ज़री खर्चों पर जेब ढीली करनी पड़ेगी।
56वीं GST काउंसिल की बैठक में सरकार ने 12% और 28% वाले टैक्स स्लैब को खत्म कर दिया। अब ज्यादातर सामान सिर्फ 5% और 18% स्लैब में आएंगे। इसका फायदा सीधे उपभोक्ताओं को मिलेगा। हालांकि, नई व्यवस्था में कुछ सेवाओं पर टैक्स दरें बढ़ा दी गई हैं।
सबसे बड़ा असर IPL और इसी तरह के खेल आयोजनों की टिकटों पर पड़ेगा। अब स्टेडियम में मैच देखने वालों को टिकट की एंट्री फीस पर 40% GST देना होगा। पहले तक यह दर 28% थी। उदाहरण के तौर पर, IPL मैच की 500 रुपये की टिकट अब GST मिलाकर करीब 700 रुपये की पड़ेगी, जबकि पहले यही टिकट 640 रुपये में मिल जाती थी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त खेल आयोजनों की 500 रुपये तक की टिकटों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। लेकिन 500 रुपये से ऊपर की टिकटों पर 18% GST देना अनिवार्य होगा।
नई दरों के तहत कैसिनो, रेस क्लब और लग्ज़री प्रोडक्ट्स को भी 40% स्लैब में शामिल किया गया है। इससे साफ है कि सरकार ने आम जरूरतों की चीजों पर बोझ घटाने की कोशिश की है, लेकिन मनोरंजन और लग्ज़री सेक्टर में खर्च करने वालों की जेब से ज्यादा पैसे निकलेंगे।









