
नई दिल्ली/नुमालिगढ़ – रूस से तेल खरीद को लेकर वैश्विक तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को असम में अपनी नई ऊर्जा रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कच्चे तेल और गैस के आयात को कम करने के लिए सक्रिय कदम उठा रही है और जैविक ईंधन भंडारों की खोज तथा हरित ऊर्जा उत्पादन पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रही है।
नुमालिगढ़ में 12,000 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और नींव पत्थर रखने के बाद आयोजित रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है, लेकिन ऊर्जा क्षेत्र में यह अभी भी अन्य देशों पर निर्भर है।
मोदी ने बताया कि सरकार ईंधन की जरूरतों को पूरा करने के लिए ईथेनॉल और हरित ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। नए बायोईथेनॉल प्लांट से किसानों और आदिवासियों को फायदा होगा। इसके साथ ही, पोलिप्रोपलीन प्लांट स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऊर्जा और सेमीकंडक्टर क्षेत्र ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दो मुख्य स्तंभ हैं और असम इन दोनों क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
साथ ही, प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि विपक्षी पार्टी राज्य में अशांति और विरोध फैलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने असम में विकास की दिशा में काम किया और राज्य की विरासत और महान शख्सियतों को मान्यता दी।









