
चंडीगढ़ – पंजाब में बाढ़ का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। खेतों में खड़ी फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं और हजारों गांव अब भी पानी की चपेट में हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर किसानों को 50,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से केंद्र सरकार के मौजूदा नियमों में छूट देने की अपील की है। फिलहाल केंद्र के नियमों के तहत 33 फीसदी से अधिक फसल खराब होने पर किसानों को प्रति हेक्टेयर 17,000 रुपये यानी प्रति एकड़ 6,800 रुपये का मुआवजा दिया जाता है। पंजाब सरकार इसमें 8,200 रुपये जोड़कर किसानों को कुल 15,000 रुपये देती है। लेकिन मुख्यमंत्री मान का कहना है कि मौजूदा तबाही को देखते हुए यह राशि बेहद कम है और इसे 50,000 रुपये प्रति एकड़ तक बढ़ाना आवश्यक है।
मान ने अपने पत्र में बताया कि शुरुआती आकलन के अनुसार राज्य में लगभग 3 लाख एकड़ धान की फसल चौपट हो गई है। गुरदासपुर, कपूरथला, अमृतसर, पठानकोट, फिरोजपुर, फाजिल्का और होशियारपुर जैसे जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कई जगहों पर खेतों में 5 से 7 फुट तक पानी जमा है।
मुख्यमंत्री ने बाढ़ के साथ-साथ राज्य को हुए अन्य वित्तीय घाटों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वैट प्रणाली खत्म होने से पंजाब को 49,727 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, वहीं ग्रामीण विकास फंड के 8,000 करोड़ और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 828 करोड़ रुपये भी केंद्र ने जारी नहीं किए। इस पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से 60,000 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज तुरंत जारी करने की मांग की है।
राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि केंद्र मदद करता है तो पंजाब सरकार प्राकृतिक आपदा राहत फंड के तहत 25 फीसदी हिस्सा खुद वहन करने के लिए तैयार है। उधर, विपक्षी दल भी किसानों को 50,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग लगातार उठा रहे हैं।









