
नई दिल्ली: पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नई दिल्ली में मुलाकात की और पंजाब व चंडीगढ़ की वर्तमान स्थिति तथा क्षेत्रीय विकास की प्राथमिकताओं से अवगत कराया।
राज्यपाल ने पंजाब में हाल ही में आए विनाशकारी बाढ़ के बाद उठाए जा रहे कदमों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों को सहायता प्रदान करने, सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को बहाल करने और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रभावी रोग नियंत्रण उपाय सुनिश्चित करने के लिए राज्य मशीनरी और स्वयंसेवी संगठनों के समन्वय से किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला।
कटारिया ने पाकिस्तान से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा और विकास संबंधी मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को संवेदनशील क्षेत्रों में उद्योगों को प्रोत्साहित करना चाहिए ताकि युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए जा सकें। इसके अलावा, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी मजबूत करने के लिए एंटी-ड्रोन सिस्टम और हाई-डेफिनिशन कैमरों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
शिक्षा के क्षेत्र में राज्यपाल ने प्रधानमंत्री को पंजाब और चंडीगढ़ में नई शिक्षा नीति के कार्यान्वयन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उच्च शिक्षा संस्थानों को NAAC मान्यता से जोड़कर गुणवत्ता सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, राज्य में चल रही नशा जागरूकता अभियानों के बारे में भी जानकारी साझा की गई, जिनका उद्देश्य युवाओं को जागरूक करना और एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना है।
चंडीगढ़ के विकास को लेकर कटारिया ने प्रधानमंत्री से “गिफ्ट सिटी” मॉडल पर विचार साझा किया, ताकि शहर में आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया जा सके। उन्होंने नई खेल नीति की ओर भी ध्यान आकर्षित किया, जो चंडीगढ़ को एक प्रमुख खेल केंद्र के रूप में स्थापित कर युवाओं की प्रतिभा निखारने और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित करने के अवसर प्रदान करेगी। इसके अलावा, उन्होंने चंडीगढ़ की नई स्टार्टअप नीति के बारे में भी जानकारी दी, जिसका उद्देश्य युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है।









