
बाढ़ प्रभावित इलाकों के दौरे पर पहुंचे कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को अमृतसर के गुरुद्वारा बाबा बुੱਢा साहिब, रमदास में सिरोपा पहनाए जाने का मामला अब बड़े विवाद का रूप ले चुका है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने इस घटना पर कड़ा रुख अपनाते हुए जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
क्यों बढ़ा विवाद?
SGPC के नियमों के मुताबिक, दरबार साहिब में राजनीतिक हस्तियों को सिरोपा देने पर रोक है। यह सम्मान केवल धार्मिक शख्सियतों और सिख महापुरुषों को ही दिया जा सकता है। ऐसे में राहुल गांधी को सिरोपा दिए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
SGPC सदस्यों का आरोप
कमेटी के कई सदस्यों ने इसे सिखों के घावों पर नमक छिड़कने जैसा बताया। उनका कहना है कि गांधी परिवार सिखों के नरसंहार और श्री अकाल तख़्त साहिब पर हमले के लिए जिम्मेदार रहा है, ऐसे में कांग्रेस नेता को सम्मान देना अपमानजनक है।
राजनीतिक साज़िश की चर्चा
स्थानीय संगत और SGPC के कुछ सदस्यों का मानना है कि इस घटना के पीछे सियासी मंशा छिपी हो सकती है। चर्चा यह भी है कि कुछ लोग अकाली दल और कांग्रेस को करीब लाने की कोशिश कर रहे हैं और राहुल गांधी को सिरोपा उसी सिलसिले की कड़ी हो सकता है।
क्या होगी कार्रवाई?
SGPC प्रमुख ने साफ कहा है कि जांच रिपोर्ट कल तक सौंप दी जाएगी और अगर किसी की जिम्मेदारी तय हुई, तो उसके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, पूरे पंजाब में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।









