
अमृतसर के नज़दीक कस्बा रमदास स्थित गुरुद्वारा बाबा बुੱਢा साहिब में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को सिरोपा देने का मामला अब विवादों में घिर गया है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने इस घटना को मर्यादा उल्लंघन मानते हुए चार कर्मचारियों पर कार्रवाई की है।
SGPC की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, कथावाचक भाई पलविंदर सिंह और सेवादार भाई हरविंदर सिंह को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, अस्थायी सेवा निभा रहे ग्रंथी भाई कुलविंदर सिंह की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं और मैनेजर प्रगट सिंह को चेतावनी के साथ तुरंत तबादले के आदेश दिए गए हैं।
कमेटी की जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि राहुल गांधी दरबार साहिब के उस घेरे के भीतर चले गए थे, जहां केवल निर्धारित वेशभूषा (बाना) में ग्रंथी और सेवादार ही प्रवेश कर सकते हैं। SGPC के नियमों के अनुसार, किसी भी बाहरी व्यक्ति को उस हिस्से में जाने की अनुमति नहीं होती।
इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि दरबार हॉल के अंदर राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं को सिरोपा देकर सम्मानित किया गया, जबकि SGPC के पहले से तय नियमों के अनुसार किसी भी वीआईपी को दरबार हॉल में सिरोपा नहीं दिया जा सकता।
गौरतलब है कि हाल ही में राहुल गांधी अमृतसर और गुरदासपुर जिलों के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने गुरुद्वारा बाबा बुੱਢा साहिब में माथा टेका, जहां प्रबंधकों ने उन्हें सिरोपा देकर सम्मानित किया था। यह घटना अब धार्मिक मर्यादा और परंपरा को लेकर बड़ी बहस का कारण बन गई है।









