
पंजाब में हालिया बाढ़ से तबाह हुए इलाकों की मदद के लिए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) ने हाथ बढ़ाया है। SGPC अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने शनिवार को 2 करोड़ रुपये का राहत फंड घोषित किया और सरकार से अपील की कि बर्बाद हुई फसलों के लिए किसानों को प्रति एकड़ 50,000 रुपये का मुआवज़ा दिया जाए।
यह घोषणा श्री केशगढ़ साहिब में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम के दौरान की गई, जहां हजारों श्रद्धालु बाबा जीवन सिंह जी की जयंती के मौके पर जुटे थे। बाबा जीवन सिंह जी को सिख इतिहास में उस साहस और आस्था के लिए याद किया जाता है जब उन्होंने गुरु तेग बहादुर जी का पवित्र सिर श्रद्धा से आनंदपुर साहिब तक पहुंचाया था।
धामी ने कहा कि बाढ़ का असर पठानकोट से लेकर सुल्तानपुर लोधी तक फैला है। हजारों एकड़ फसलें तबाह हो चुकी हैं, घरों को नुकसान हुआ है और पशुधन का भी बड़ा नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि SGPC ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं और सभी गुरुद्वारा प्रबंधकों को प्रभावित लोगों की जरूरतें तुरंत पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
SGPC कर्मचारियों द्वारा जुटाए गए 2 करोड़ रुपये में से पहली किस्त के तौर पर 1 करोड़ रुपये पहले ही जारी कर दी गई है। दूसरी किस्त जल्द दी जाएगी। भारत और विदेश से कई दाताओं ने भी SGPC के राहत अभियान में योगदान दिया है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए गुरु रामदास मेडिकल यूनिवर्सिटी ने एम्बुलेंस सेवाएं और दवाइयां उपलब्ध कराई हैं। बच्चों को सूखा दूध, मच्छरदानी और अन्य आवश्यक सामान भी वितरित किया जा रहा है।
सरकार पर नाराज़गी जताते हुए धामी ने कहा कि अगर समय पर बांधों से पानी छोड़ा जाता तो हालात इतने गंभीर न होते। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि किसानों को उचित मुआवज़ा दिया जाए ताकि वे दोबारा अपनी ज़िंदगी और खेती शुरू कर सकें। साथ ही, उन्होंने सिख संगत और समाजसेवियों से अपील की कि वे आगे आकर राहत कार्यों में सहयोग दें।









