
चंडीगढ़ – पहाड़ी इलाकों और यमुना कैचमेंट एरिया में लगातार हो रही भारी बारिश ने हालात गंभीर बना दिए हैं। यमुना नदी उफान पर है और हथनी कुंड बैराज पर जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुँच गया है। सोमवार को बैराज से करीब 2.71 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जो इस मानसून का अब तक का सबसे बड़ा बहाव है। इसके अलावा सोम नदी में भी पांच हजार क्यूसेक पानी बह रहा है।
सिंचाई विभाग के एसई आर.एस. मित्तल के अनुसार, आने वाले घंटों में यमुना का जलस्तर और बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह पानी 48 से 60 घंटे में दिल्ली पहुँच जाएगा। यदि बारिश और तेज हुई तो यह बहाव केवल 24 घंटे में ही दिल्ली की सीमा में दाखिल हो सकता है।
खतरे को देखते हुए यमुना किनारे बसे गांवों में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। सरपंचों के माध्यम से गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क किया जा रहा है।
बाढ़ के जोखिम को ध्यान में रखते हुए हथनी कुंड बैराज से निकलने वाली यूपी की पूर्वी नहर और हरियाणा की पश्चिमी यमुना नहर की जलापूर्ति रोक दी गई है। साथ ही नदी के सभी 18 गेट खोल दिए गए हैं – जिनमें 15 हरियाणा और 3 उत्तर प्रदेश में स्थित हैं।









