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HomeIndiaएक आदमी और 6 जिलों में नौकरी! सभी से ले रहा था वेतन, आगरा के अर्पित ने कैसे लगाया करोड़ों का चूना?
एक आदमी और 6 जिलों में नौकरी! सभी से ले रहा था वेतन, आगरा के अर्पित ने कैसे लगाया करोड़ों का चूना?

उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में 2016 की X-Ray टेक्निशियन भर्ती में सनसनीखेज फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है. आगरा निवासी अर्पित सिंह नाम के एक व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए 6 अलग-अलग जिले बलरामपुर, फर्रुखाबाद, रामपुर, बांदा, अमरोहा और शामली में नौकरी हासिल की और सालों तक वेतन उठाता रहा. इस घोटाले से विभाग को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है. मामले का खुलासा मानव संपदा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के बाद हुआ, जिसके बाद लखनऊ के वजीरगंज थाने में 8 सितंबर को FIR दर्ज की गई है. पुलिस ने धारा 419, 420, 467, 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

यह भर्ती 25 मई 2016 को उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) के माध्यम से हुई थी. जब प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार थी. आयोग ने 403 उम्मीदवारों की सूची जारी की थी, जिसमें क्रम संख्या 80 पर अर्पित सिंह पुत्र अनिल कुमार सिंह का नाम शामिल था. जांच में सामने आया कि इस नाम से 6 अलग-अलग व्यक्तियों ने फर्जी आधार कार्ड और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए नियुक्तियां हासिल कीं. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, लखनऊ की निदेशक पैरामेडिकल डॉ. रंजना खरे ने इस मामले में FIR दर्ज कराई है.

स्वास्थ्य विभाग को करोड़ों का नुकसान

जांच में पता चला कि अर्पित सिंह के नाम पर 6 व्यक्तियों ने 2016 से लगातार वेतन उठाया, जिससे स्वास्थ्य विभाग को भारी आर्थिक नुकसान हुआ. यह फर्जीवाड़ा तब उजागर हुआ, जब मानव संपदा पोर्टल पर कर्मचारियों का डेटा अपलोड किया गया. डिप्टी CM ब्रजेश पाठक के निर्देश पर विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वजीरगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया.

CM योगी ने सपा पर साधा निशाना

मामले के सामने आने के बाद CM योगी आदित्यनाथ ने पूर्ववर्ती सपा सरकार पर जमकर निशाना साधा. एक नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में उन्होंने कहा, ‘सपा सरकार में एक परिवार के लोग पैसा लेकर भर्तियां करते थे. उनकी कई भर्तियों की जांच CBI को सौंपी गई. एक व्यक्ति 8-8 जगह नौकरी कर रहा था. जांच समय पर पूरी हो जाए, तो कई लोग जेल में जीवन बिताने को मजबूर होंगे’. CM ने कहा कि 2016 की इस भर्ती की जांच चल रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

पुलिस जांच में जुटी

वजीरगंज थाने में दर्ज FIR में धोखाधड़ी, जालसाजी और कूटरचित दस्तावेजों के इस्तेमाल की धाराएं जोड़ी गई हैं. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस घोटाले में और कौन-कौन शामिल है और फर्जी दस्तावेज कैसे तैयार किए गए हैं.

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Posted By City Home News

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