
भारत का ट्रेड डिफिसिट अगस्त 2025 में कम होकर 26.49 अरब डॉलर रह गया है. जो कि जुलाई में 27.35 अरब डॉलर था. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से टैरिफ लगाए जाने के बाद ऐसी आशंका थी की ट्रेड डिफिसिट बढ़ेगा. लेकिन वह जुलाई के मुकाबले कम हुआ है.
वाणिज्य मंत्रालय के सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत का वस्तु व्यापार घाटा अगस्त में घटकर 26.49 अरब डॉलर रह गया, जो जुलाई में 27.35 अरब डॉलर था. अगस्त में निर्यात जुलाई के 37.24 अरब डॉलर से घटकर 35.1 अरब डॉलर रह गया, जबकि आयात पिछले महीने के 64.59 अरब डॉलर से घटकर 61.59 अरब डॉलर रह गया है.
इतना था अनुमान
रॉयटर्स के एक सर्वेक्षण के अनुसार, अर्थशास्त्रियों ने अगस्त में व्यापार घाटा 25.13 अरब डॉलर रहने का अनुमान लगाया था, जबकि पिछले महीने यह 27.35 अरब डॉलर था. भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में गतिरोध के कारण व्यापारिक गतिशीलता पर दबाव बना हुआ है. अमेरिका जो भारत के माल निर्यात में लगभग 20 प्रतिशत का योगदान देता है, एक प्रमुख बाजार बना हुआ है, लेकिन वार्ता में प्रगति की कमी ने निर्यात पर दबाव डाला है.
घरेलू निर्यातकों को राहत देने के लिए, सरकार ने हाल ही में अग्रिम प्राधिकरण योजना (एओएसएस) के मानदंडों में ढील दी है, जिससे निर्यात उत्पादन के लिए कच्चे माल के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति मिल गई है. एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार, इस कदम का उद्देश्य मौजूदा 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को कम करना है.
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