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लोगों की नाराजगी समझिए… लद्दाख हिंसा को लेकर मोदी सरकार पर भड़के फारूक अब्दुल्ला

लेह-लद्दाख में बुधवार को हुई हिंसा मामले में पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला कड़ी निंदा की है. इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से बातचीत के जरिए समस्या का समाधान करने की बात कही है. अब्दुल्ला ने सरकार पर कश्मीर के साथ किए गए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि लद्दाख के युवाओं की नाराजगी को समझना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि इस हिंसा में कोई भी विदेशी ताकत नहीं है.

फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि वे ज्यादा इंतजार नहीं करेंगे. केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आपने कश्मीर से वादा किया था. चुनाव के बाद डिलिमिटेशन के बाद राज्य का दर्जा दिया जाएगा. आज 11 महीने हो चुके हैं. कुछ भी नहीं हुआ है. उन्हे लद्दाख से सबक सीखना चाहिए. हम उन बच्चो के साथ हैं जिनकी इस हिंसा में जान गई है.

अब्दुल्ला ने कहा कि सोनम वांगचुक पर गलत आरोप लगाए जा रहे हैं. उन्होंने कभी गांधी का रास्ता नहीं छोड़ा है. वो इस हिंसा में शामिल नहीं थे. आगे कहा कि जितना ये दबाने की कोशिश करेंगे गुब्बारा फट जाएगा. उन्होंने केंद्र सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि आप ताकत का इस्तेमाल मत कीजिए, उनसे बातचीत कीजिए.

बातचीत के रास्ते खोले जाएं- अब्दुल्ला

फारूक अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप भी लगाया है. उन्होंने कहा कि हर बार उन्हें पहले की तरह ही वादे किए गए. हालांकि ये वादे कभी पूरे नहीं किए गए हैं. उन्होंने कहा कि मैं भारत सरकार से कहना चाहता हूं कि चीन हमारे सिर पर बैठा है. मैं भारत सरकार से अनुरोध करता हूं कि उनके साथ बातचीत के रास्ते खोले जाएं. मुझे इसमें किसी बाहरी हाथ का अहसास नहीं है. क्योंकि मुझे पता है कि वे इसके पीछे ऐसे विदेशी हाथों के बारे में बताएंगे. जैसा उन्होंने कश्मीर के मामले में भी इस्तेमाल किया था लेकिन यह सच नहीं है.

उम्मीद खत्म हुई तो सड़कों पर उतरे युवा- अब्दुल्ला

अब्दुल्ला ने कहा कि आज लद्दाख, खासकर लेह में जो हुआ, वह एक संवेदनशील मुद्दा है. जहां युवा सड़कों पर उतर आए. वे 14 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. 2 समर्थक गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया. वे पिछले 5 सालों से शांतिपूर्वक ऐसा विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. उन युवाओं को लगा कि उन्हें नौकरी मिल जाएगी, लेकिन अभी तक उन्हें कुछ नहीं मिला और उन्होंने गांधीवादी विरोध को छोड़कर हिंसक तरीकों का सहारा लिया है.

जम्मू-कश्मीर के लोग ठगा महसूस कर रहे- उमर अब्दुल्ला

लेह हिंसा पर जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि लद्दाख को राज्य का दर्जा देने का वादा भी नहीं किया गया था. लद्दाख के लोगों ने 2019 में केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा मिलने का जश्न मनाया और वे अब खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं. जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने का वादा भी अधूरा है. जबकि हम लोकतांत्रिक, शांतिपूर्ण और ज़िम्मेदारी से इसकी मांग करते रहे हैं.

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Posted By City Home News

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