मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल के बीच शिवसेना (यूबीटी) के छह बागी सांसदों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर महाराष्ट्र पुलिस को इन सांसदों को तत्काल प्रभाव से Y+ श्रेणी के बराबर स्थानीय सुरक्षा उपलब्ध कराने को कहा गया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब पार्टी में बड़े विभाजन की अटकलें तेज हो गई हैं और उद्धव ठाकरे समर्थक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
किन सांसदों को मिली सुरक्षा?
जिन छह सांसदों की सुरक्षा बढ़ाई गई है, उनमें शामिल हैं:
- Sanjay Deshmukh
- Sanjay Jadhav
- Sanjay Dina Patil
- Nagesh Patil Ashtikar
- Omraje Nimbalkar
- Bhausaheb Wakchaure
आदेश के अनुसार इन नेताओं के सार्वजनिक कार्यक्रमों और क्षेत्रीय दौरों के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
सुरक्षा बढ़ाने के पीछे क्या वजह?
17 जून को जारी आधिकारिक संदेश में राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों को संभावित सुरक्षा खतरों को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तरीय समितियों को हालात के अनुसार सुरक्षा बढ़ाने, घटाने या यथावत रखने का अधिकार भी दिया गया है।
सड़कों पर उतरे उद्धव ठाकरे के कार्यकर्ता
दूसरी ओर, पार्टी में संभावित टूट की खबरों से नाराज उद्धव ठाकरे गुट के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए गए और बागी सांसदों के खिलाफ नाराजगी जताई गई।
क्या एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं सांसद?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि ये छह सांसद Eknath Shinde के नेतृत्व वाले गुट के संपर्क में हैं और पार्टी छोड़ सकते हैं। हालांकि, इस संबंध में अभी तक किसी सांसद की ओर से आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
महाराष्ट्र की राजनीति पर पड़ सकता है बड़ा असर
अगर ये सांसद औपचारिक रूप से अलग रास्ता अपनाते हैं तो यह Shiv Sena (Uddhav Balasaheb Thackeray) के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। इससे महाराष्ट्र की विपक्षी राजनीति और आगामी राजनीतिक समीकरणों पर भी गहरा असर पड़ सकता है।








