🔴 रोडवेज कांट्रैक्ट वर्कर्स ने सरकार को दी चेतावनी, 28 जुलाई तक अल्टीमेटम
🟠 यूनियन का आरोप — सरकार और मैनेजमेंट मांगों पर सिर्फ बातचीत में उलझा रहे
🔴 निजीकरण के खिलाफ विरोध, किलोमीटर स्कीम के टेंडर पर हड़ताल की चेतावनी
🟠 रैगुलराइजेशन और वेतन समानता पर बनी कमेटी के आदेशों को किया नजरअंदाज
🔴 अगर 28 जुलाई तक हल नहीं आया तो रोडवेज बंद, मुख्यमंत्री आवास पर धरना
पंजाब रोडवेज, पनबस और PRTC कांट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन 25/11 के प्रदेश महासचिव शमशेर सिंह ढिल्लों और संयुक्त सचिव जगतार सिंह ने लुधियाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि सरकार को सत्ता में आए 3 साल से अधिक हो चुके हैं, लेकिन अब तक कांट्रैक्ट कर्मचारियों की मांगों का कोई हल नहीं निकाला गया है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा गठित की गई समिति ने एक महीने में रैगुलराइजेशन, आउटसोर्स कर्मचारियों को कांट्रैक्ट पर लाना, वेतन में समानता, मानवाधिकार उल्लंघन खत्म कर सेवा नियम लागू करने जैसे मुद्दों पर सुझाव देने को कहा था, लेकिन उस पर कोई अमल नहीं हुआ।
यूनियन नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विभागों के निजीकरण की ओर बढ़ रही है। किलोमीटर स्कीम के तहत निजी बसें लाने की नीति अपनाई जा रही है। इन बसों का टेंडर 4 अगस्त को खोला जाना प्रस्तावित है, जिसे लेकर यूनियन ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसा हुआ तो तुरंत हड़ताल और विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने 28 जुलाई तक मांगों का समाधान नहीं किया, तो कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल, रोडवेज बंद और मुख्यमंत्री आवास पर धरना प्रदर्शन करेंगे।









