
16 अगस्त को मनाई जाने वाली जन्माष्टमी पर इस बार ब्रजभूमि में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिरों, गलियों और चौक-चौराहों को रंग-बिरंगी रोशनी, फूलों और पारंपरिक सजावट से सजा दिया गया है।
मथुरा की श्रीकृष्ण जन्मभूमि, वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर और द्वारका के द्वारकाधीश मंदिर में विशेष आकर्षण देखने को मिल रहा है। इस बार गर्भगृह की सजावट में 221 किलो चांदी का प्रयोग हुआ है, जबकि मंदिर परिसर में देसी-विदेशी फूलों और शानदार लाइटिंग का उपयोग किया गया है।
सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम
तीन ज़ोन, 17 सेक्टर और कई सब-सेक्टर्स में पुलिस, पीएसी और सीएपीएफ की तैनाती की गई है। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में महिला पुलिसकर्मी भी मौजूद रहेंगी। ड्रोन, सीसीटीवी और हाई-टेक मॉनिटरिंग सिस्टम से हर पल की निगरानी होगी।
त्योहार में संस्कृति की झलक
जन्माष्टमी पर ब्रज की गलियां न केवल सजावट से चमक रही हैं, बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों, भजन-कीर्तन और झांकियों से भी गूंज रही हैं। प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर इस आयोजन को यादगार बनाने में जुटे हैं।
इस साल जन्माष्टमी वीकेंड पर पड़ने के कारण श्रद्धालुओं की भीड़ रिकॉर्ड तोड़ने की उम्मीद है, जिससे मथुरा-वृंदावन में उत्सव का उल्लास और भी बढ़ गया है।









