
अर्चना तिवारी का यह कुबूलनामा है.
”घरवाले मेरी मर्जी के खिलाफ शादी के लिए रिश्ता देख रहे थे. कुछ दिन पहले मुझे बताया गया कि तुम्हारे के लिए एक पटवारी लड़का देख लिया है. परिजन बार-बार शादी करने के लिए मजबूर कर रहे थे. इसी वजह से मैं मानसिक रूप से परेशान हो गई थी. इसी बीच, 7 अगस्त को रक्षाबंधन मनाने के लिए मैं इंदौर से कटनी के लिए नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन में रवाना हुई. लेकिन मैं मानसिक रूप से घर जाने के लिए तैयार नहीं थी.मैंने सोच लिया था कि मैं अब घर नहीं जाऊंगी और सिविल जज बन जाने तक मैं शादी नहीं करूंगी…”
भोपाल जीआरपी की पूछताछ में अर्चना तिवारी ने बताया कि परिवार उसकी इच्छा के खिलाफ शादी के लिए रिश्ते तय कर रहे थे। हाल ही में उसे यह भी बताया गया कि उसका रिश्ता एक पटवारी लड़के से तय किया गया है। बार-बार शादी का दबाव पड़ने से वह मानसिक तनाव का शिकार हो गई थी।









